मदनपुर : एससी-एसटी के लोग उद्यमी बनकर स्वावलंबी बन सकते हैं. इन वर्गों के युवाओं के उद्यमी बनने के लिए ब्याज रहित ऋण देने का प्रावधान किया गया है. 10 लाख रुपये तक का ब्याज रहित लोन दिया जा रहा है. परियोजना लागत का 50 फीसदी सब्सिडी दिया जायेगा. सूक्ष्म व लघु उद्योग को बढ़ावा […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मदनपुर : एससी-एसटी के लोग उद्यमी बनकर स्वावलंबी बन सकते हैं. इन वर्गों के युवाओं के उद्यमी बनने के लिए ब्याज रहित ऋण देने का प्रावधान किया गया है. 10 लाख रुपये तक का ब्याज रहित लोन दिया जा रहा है. परियोजना लागत का 50 फीसदी सब्सिडी दिया जायेगा. सूक्ष्म व लघु उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार इस तरह की योजनाएं बना रही है.
इसके तहत चयनित युवाओं को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 के तहत दिया जायेगा. एससी-एसटी युवाओं को इस योजना का लाभ लेने के लिए इस प्रकार की योग्यताओं का होना जरूरी है. इनकी योग्यता कम से कम अंतर स्नातक आईटीआई पॉलिटेक्निक या अन्य सामान्य डिग्री प्राप्त हो.
ऑनलाइन होगा सारा आवेदन
इस योजना की सारी व्यवस्था ऑनलाइन होगी. अभ्यर्थी को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. राशि तीन किस्तों में मिलेगी. एससी-एसटी चयनित युवाओं को तीन चरणों में राशि दी जायेगी. पहली किस्त परियोजना लागत की 25 फीसदी. उद्यमियों द्वारा भूमि व्यवस्था या रोड निर्माण के बाद परियोजना लागत की 50 प्रतिशत यानी पांच लाख निर्गत की जायेगी और 25 फीसदी राशि वर्किंग कैपिटल के रूप में दी जायेगी.
क्या कहते हैं अधिकारी
समाज के ऐसे लोग जो विकास से वंचित हैं. उन्हें सरकार द्वारा विशेष रूप से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. समाज की मुख्यधारा से जुड़ कर स्वावलंबी बनने के लिए योजना का लाभ लें.
मो खुर्शीद अहमद, महाप्रबंधक जिला उद्योग विभाग,औरंगाबाद