प्रशासनिक सख्ती से स्थिति में हुआ सुधार

भीड़ पर नियंत्रण हुआ, तो बदले हालात, बनी बात औरंगाबाद कार्यालय : रामनवमी को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए शहर में जो व्यवस्था जिला प्रशासन ने की थी, उसे लोग अपर्याप्त मान रहे. कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि स्थिति की गंभाीरता का ठीक से आकलन नहीं किया जा सका. नतीजतन हालात बिगड़ […]

भीड़ पर नियंत्रण हुआ, तो बदले हालात, बनी बात

औरंगाबाद कार्यालय : रामनवमी को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए शहर में जो व्यवस्था जिला प्रशासन ने की थी, उसे लोग अपर्याप्त मान रहे. कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि स्थिति की गंभाीरता का ठीक से आकलन नहीं किया जा सका. नतीजतन हालात बिगड़ गये. पर, अंतत: जब प्रशासन ने कमर कसी, तो जल्दी ही स्थिति में सुधार के संकेत भी मिलने लगे. सोमवार को जहां भी गड़बड़ी हुई, प्रशासन ने सबसे पहले भीड़ को नियंत्रित करने पर बल दिया. इससे हालात बदलने में काफी सहूलियत हुई. माना जा रहा है कि अगर ऐसा नहीं होता, तो बात नहीं बन पाती.
सोमवार को जब रमेश चौक पर स्थिति को काबू किये जाने की कोशिश चल रही थी, तभी शहर के शाहगंज मुहल्ले से गोलीबारी की अफवाहें उड़ने लगीं. शाहगंज में पुलिस पहुंची तो क्लब रोड से पथराव की सूचना आने लगी. कहीं से आग लगने की खबर आ रही थी, तो कहीं से किसी के घर में घुस कर तोड़फोड़ किये जाने की. उधर, पुलिस बिना किसी ठोस वजह के कहीं भी बल प्रयोग करने से बचने का भरपूर प्रयास भी करती रही. एमजी रोड में लोगों की भीड़ को हटाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने थोड़ा इंतजार करते हुए धैर्य का परिचय दिया. पहले समाहरणालय की ओर जाने वाले मार्ग में उमड़ी भीड़ को हटाया गया और बाद में एमजी रोड को भी खाली करा लिया गया.
एसपी ने स्वयं मैदान में उतरने का लिया निर्णय : औरंगाबाद शहर में जगह-जगह गड़बड़ी की सूचना के बाद प्रशासन ने कमर कसी. मौके की नजाकत को भांप कर एसपी डॉ सत्यप्रकाश ने बिना विलंब किये खुद ही मैदान में उतरने का निर्णय किया. यह निर्णय स्थिति को नियंत्रित करने में काफी कारगर साबित हुआ. अगर बड़े प्रशासनिक अधिकारी स्वयं सड़कों पर नहीं उतरते, तो शायद उपद्रवियों के मनोबल को तोड़ना और कठिन होता, स्थिति को काबू करना और भी मुश्किल हो जाता. उपद्रवियों ने जहां-तहां आग लगाने की जो कोशिश की, उससे प्रशासन के साथ ही आमलोग भी काफी चिंतित थे. पर, पुलिस ने उम्मीद व प्रयास नहीं छोड़ा. प्रशासनिक मुस्तैदी का ही असर था कि अंतत: असामाजिक तत्वों को काबू कर शहर को और अधिक क्षति बचा लिया गया.
बख्शे नहीं जायेंगे दोषी लोग : आयुक्त

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