प्रभात खबर में छपने पर एसपी ने दिया एफआईआर का निर्देश
24 अप्रैल, 2017 से लापता है किशोर
सनहा की जगह मामले में दर्ज होगी एफआईआर
औरंगाबाद कार्यालय : पिछले 10 माह से लापता अपने 12 वर्षीय पोते की तलाश में दर-दर भटक रहा दादा की गुहार आखिरकार पुलिस ने सुन ली. ओबरा प्रखंड के भूईयां गांव के ओमप्रकाश पासवान का बटाे सेठ राम 24 अप्रैल 2017 से लापता है. किशोर के पिता के साथ दादा राजाराम पासवान व घर के अन्य परिजन उसकी खोज में दर-दर भटक रहे हैं. रिश्तेदारों से लेकर जान-पहचान वालों तक उसे खोजा गया, पर कोई सुराग नहीं मिला. ओबरा थाने की पुलिस ने लापता सेठ राम को खोजने में दिलचस्पी तो दूर एक सनहा तक भी दर्ज नहीं किया. यहां तक की वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी भी नहीं दी गयी. अपने पोते की तलाश में निकला राजाराम पासवान गुरुवार को एसपी डाॅ
सत्यप्रकाश से मिल कर न्याय की गुहार लगायी. बिलखते दादा की पुकार सुन एसपी ने दाउदनगर एसडीपीओ को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस मामले की एफआईआर ओबरा थाने में दर्ज हो और इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक टीम गठित कर उसकी बरामदगी की जाये. 20 फरवरी को प्रभात खबर में ‘लापता पोते की तलाश में दर-दर भटक रहा दादा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी. प्रकाशित खबर ने लापता किशोर के दादा का हौसला बढ़ाया और फिर एसपी से जाकर गुहार लगायी.
लापता मामले में अब थानों में सनहा नहीं, बल्कि एफआइआर दर्ज कर पुलिस पदाधिकारी कार्रवाई करेंगे. गुरुवार को गायब पोते का सनहा दर्ज नहीं किये जाने व नौ माह से अब तक नहीं मिलने की शिकायत पर एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लापता मामले में अब सनहा नहीं बल्कि एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई करें. अपने कार्यालय में मौजूद औरंगाबाद व दाउदनगर अनुमंडल के एसडीपीओ व अन्य पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लापता होने की स्थिति में तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई हो.
