औरंगाबाद : रेलवे मैं ग्रुपडी की बहाली मेंआइटीआइ की शर्त हटाने, उम्र सीमा 35 से 28 वर्ष किये जाने, पकौड़ा बेचे जाने को रोजगार कहे जाने के विरोध में गया-मुगलसराय रेलखंड के रफीगंज रेलवे स्टेशन पर युवाओं में आगजनी कर रेल चक्का जाम कर दिया. युवाओं का कहना था कि ग्रुप डी में आईटीआई डिग्री होने की शर्त को केंद्र सरकार जल्द हटाये.
छात्रों की मांग है कि पूर्व में कियेगये बहाली में उम्र सीमा 35 वर्ष थी, जबकि इस बार ग्रुप डी में उम्र सीमा घटाकर 28 वर्ष कर दिया गया है. इसे जल्द सुधार कर उम्र सीमा 35 वर्ष किया जाये. साथ ही सरकार के मंत्रियों के द्वारा पकौड़ा बेचने को रोजगार से जोड़ने की बात वापस लेने की मांग युवा कर रहे थे. हजारों की संख्या में युवाओं ने रेलवे चक्का जाम कर दिया.
रविवार सुबह 6:00 बजे से रेलवे चक्का जाम होने के कारण सुदूर क्षेत्र से आवागमन करने वाली गाड़ियां बाधित रही. वहीं लोकल ट्रेन में विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहे जाम को देखते हुए थाना अध्यक्ष संजय कुमार सेना रेलवे पुलिस इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार रफीगंज स्टेशन मास्टर एसके पांडे मौके पर पहुंचे औरप्रदर्शनकारियों को समझाने के प्रयास में जुट गये. हालांकि छात्र बहाली के नियमों मेंबदलावकी मांग करते दिखे और रफीगंज रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. जिससे दिल्ली हावड़ा रूट की कई गाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रुकी हुई है.
अधिकारियों पर पथराव
छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए जाम कर रहे लोगों को समझाने पहुंचे अधिकारियों पर छात्रों ने पथराव कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी. इस दौरान पुलिस द्वारा फायरिंग किये जाने की भी सूचना प्राप्त हुई है. लेकिन, पुलिस ने इस घटना से इन्कार किया है. मामले को शांत करने पहुंचे एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद ने धारा 144 की घोषणा कर दी और सभीछात्र प्रदर्शनकारियों से अपने-अपने घरों को लौट जाने की अपील की.
आगजनी, कई घायल
फिलहाल पुलिस ने रेल ट्रैक से सभी प्रदर्शनकारियों को भगा दिया गया है और स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया है. इस दौरान पथराव में बीडीओ, सीओ, इंस्पेक्टर की वाहन क्षतिग्रस्त हो गये. इधर, लोगों की माने तो स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे हैं, लेकिन पुलिस के पदाधिकारियों ने पुष्टि नहीं कर रहे है. पथराव व लाठीचार्ज की घटना में कई लोग घायल भी हुए है.
