जांच के बाद इंदिरा आवास में हेरफेर का हुआ खुलासा

गड़बड़ी. चौकीदार के बेटों ने बारी-बारी से लिया आवास जिलाधिकारी ने लिया मामले में संज्ञान कुटुंबा : डीएम कंवल तनुज के आदेश पर बीडीओ लोक प्रकाश ने इंदिरा आवास घोटाला का पर्दाफाश किया है. घोटाले की शिकायत पोला टोला के लीला विगहा गांव के रहने वाले राम पुकार पासवान, घुरा पासवान व उसकी पत्नी मालती […]

गड़बड़ी. चौकीदार के बेटों ने बारी-बारी से लिया आवास

जिलाधिकारी ने लिया मामले में संज्ञान
कुटुंबा : डीएम कंवल तनुज के आदेश पर बीडीओ लोक प्रकाश ने इंदिरा आवास घोटाला का पर्दाफाश किया है. घोटाले की शिकायत पोला टोला के लीला विगहा गांव के रहने वाले राम पुकार पासवान, घुरा पासवान व उसकी पत्नी मालती देवी, पुत्र कृष्ण पासवान व बहू सुनैना देवी के विरुद्ध की गयी है. आरोप है कि आरोपितों ने अवैध ढंग से आवास व पेंशन ली है. गौरतलब है कि अवैध ढंग से आवास व पेंशन लेने से संबंधित खबर को प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था. खबर छपने के बाद जांच में तेजी आयी और
फिर फर्जी लाभुकों ने अपने पैसे वापस किये.
दोनों तरफ से की गयी थी आपत्ति : मामले को लेकर कार्रवाई के लिए दोनों तरफ से लिखित आवेदन दिया गया था. जब बीडीओ नें दूसरे पक्ष से दिये गये आवेदन के आलोक में परिवादी के विरुद्ध कार्रवाई शुरू की तो पता चला कि राम पुकार पासवान के पिता जगदीश पासवान सरकारी वेतन भोगी चौकीदार है. उसके तीन पुत्र हैं. रामपुकार वर्ष 2004-05 में इंदिरा आवास बनाने के लिए 25 हजार, श्याम सुंदर पासवान वर्ष 2001 में बीस हजार फिर2011-12 में 48 हजार तथा उसका नाबालिग भाई राम प्रमोद पासवान उसी वर्ष 48 हजार पांच सौ रुपये आवास बनाने के लिए प्राप्त किया है. बीडीओ ने बताया कि चार आवास बनाने के लिए पैसा लिया है व एक भी आवास नहीं बनाया .
जांच में चौंकानेवाले तथ्य आये सामने
जब बीडीओ ने डीएम के आदेश के आलोक में जांच शुरू की तो कई तरह के चौंकाने वाले मामले उभर कर सामने आये. घुरा पासवान ओबरा प्रखंड के मायापुर गांव का निवासी रहा है. उसने वर्ष 2003-04 में उक्त प्रखंड से इंदिरा आवास बनाने के लिए पच्चीस हजार रुपये लिये थे. इसके बाद वहां से आकर यहां लीला विगहा रहने लगा व वर्ष 2013-14 में कुटुंबा ब्लॉक के लीला विगहा में 75 हजार रुपये आवास बनाने के लिया. मकान तो दोनों जगहों पर बना लिया पर ओबरा का आवास वहां से यहां आने के क्रम में बेच दिया. उसकी पत्नी, पुत्र,व बहु उम्र छीपा कर पेंशन प्राप्त करने लगे. उन्होंने बताया कि जब कार्रवाई शुरू की गयी तो तीनों व्यक्ति पूर्व में लिए गये पेंशन की राशि 43 हजार दो सौ रुपये ब्लॉक को वापस कर दिया है. घुरा के परिजनों ने अधिकारियों से बताया कि राम पुकार पासवान हमलोगों से नाजायज पैसा लेकर आवास व पेंशन का लाभ दिया है.
होगी कार्रवाई
परिवादी राम पुकार पासवान के विरुद्ध पेंशन बनाने के नाम पर पैसा उगाही करने व इंदिरा आवास में दलाली तथा बिक्री कराने में संलिप्त रहने की भूमिका में कार्रवाई की जायेगी. जांच रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी जा रही है. शीघ्र ही संबधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.

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