कार्यक्रम. ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ के तहत आमलोगों ने रखीं अपनी बातें, कहा
मदनपुर : प्रखंड मुख्यालय स्थित बहुउद्देशीय भवन में मंगलवार को ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. पंचायत के विकास व सकारात्मक बदलाव पर आयोजित परिचर्चा में लोगों ने खुल कर अपनी बातें प्रशासनिक अधिकारियों व पंचायत प्रतिनिधि के समक्ष रखीं. साथ ही ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से समाज में आ रहे बदलाव को स्वीकार किया. लोगों का कहना था कि विकास तो हुआ है पर आधा अधूरा. इस मौके पर योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सामूहिक प्रयास नहीं होने और जनप्रतिनिधियों द्वारा सार्थक पहल नहीं किये जाने की भी बात उठी.
लोगों ने कहा कि अन्य पंचायतों की तुलना में मदनपुर पंचायत में विकास हुआ है. जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से जो बातें क्षण कर आयी उसके अनुसार पंचायत में हाल के वर्षों में विकास के नाम पर लाखों रुपए खर्च किये गये हैं. बावजूद इसके काफी कुछ करने की जरूरत है. विकास की बात की जाए तो पंचायत में विकास आधी हकीकत आधा फसाना है. इससे पहले कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन एएसपी अभियान राजेश कुमार सिंह, पूर्व जिला पार्षद गुप्तेश्वर यादव ,इंस्पेक्टर श्याम किशोर सिंह, थाना अध्यक्ष सुभाष राय ,बीडीओ अतुल प्रसाद, प्रमुख प्रतिनिधि कुंदन कुमार सिंह, अनुज सिंह, मुखिया सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता, संजय यादव, अनिल कुमार मेहता ने दीप प्रज्वलित कर किया. एएसपी अभियान राजेश कुमार सिंह ने प्रभात खबर की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रभात खबर के इस अभियान में सभी को साथ देने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को किसी भी समस्या का निराकरण तत्काल करना चाहिए. ताकि लोगों को बार-बार कार्यालय का चक्कर न काटना पड़े. यदि इस तरह की पहल की गयी तो निश्चित रुप से विकास होगा. इस कार्यक्रम में उपस्थित अनिल कुमार सिंह, रत्नेश सिंह, आशुतोष सिंह, हरिद्वार सिंह,पंडित यादव, लालदेव यादव, पूजा कुमारी, खुशबू कुमारी,अंजली कुमारी, अजीत कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि समाजसेवी व ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को रखा और कहा कि हर गांव को शहरीकरण करने की जरूरत है. शहर की तरह ही व्यवस्था होनी चाहिए .वार्ड सदस्य उपाध्यक्ष बेबी देवी ने सरकार का ध्यान पंचायतों के विकास पर आकृष्ट कराया.
सरकारी नलकूप की हो व्यवस्था :
प्रमुख प्रतिनिधि कुंदन कुमार सिंह ने कहा कि गरीब मजदूर और किसानों की हालत नहीं बदल रही है. गरीबों को पेंशन नहीं मिल रही है. किसानों को बाढ़-सुखाड़ का मुआवजा समय पर नहीं मिल पाता है. पटवन के लिए
खेतों में सरकारी नलकूप की व्यवस्था होनी चाहिए. निजी नलकूप तक बिजली पहुंचाई जानी चाहिए. समय
पर उन्नत किस्म के खाद व बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था के साथ ही उपज का उचित मूल्य भी किसानों को मिले.
मदनपुर पंचायत पर एक नजर
प्रारंभिक विद्यालय दो
मध्य विद्यालय सात
आंगनवाड़ी केंद्र तीन
पंचायत की कुल जनसंख्या 13790
पंचायत में वोटरों की संख्या 8812
क्या कहते हैं मुखिया
मुखिया सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को काफी समय से पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इन लोगों को पूर्व में पेंशन मिलती थी लेकिन बैंक के माध्यम से भुगतान वाले नये नियम लागू होने के बाद डाटा ऑपरेटर की गलती के चलते बड़ी संख्या में लोग महीनों से पेंशन नहीं पा रहे हैं. डाटा ऑपरेटर द्वारा बार-बार कोई न कोई गलती कर दी जाती है जिसकी सजा गरीबों को भुगतनी पड़ती है. सूची में की गयी लापरवाही के चलते पंचायत के दर्जनों उचित हकदार परिवार पीएम आवास के लाभ से वंचित है. वैसे पंचायत में विगत 10 सालों में विकास के नाम पर विभिन्न योजनाओं में लाखों रुपए खर्च किए गए हैं लेकिन इतना काफी नहीं है. विकसित पंचायत बनाने के लिए काफी कुछ करने की जरूरत है.
समस्या जानने के बाद समाधान : बीडीओ
बीडीओ अतुल प्रसाद ने कहा कि प्रभात खबर आपके द्वारा कार्यक्रम सराहनीय कदम है. इस कार्यक्रम से हम लोगों को मूलभूत समस्याओं को जानने और उसे निराकरण करने में मदद मिलेगी. इसमें आयी सभी समस्याओं का निजात दिलाने का प्रयास किया जायेगा.
किसी ने विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की कमी, तो किसी ने डॉक्टरों की कमी की उठायी मांग
पूजा कुमारी ने कहा कि पंचायत स्तर के सभी विद्यालयों में विषय वार शिक्षक होने चाहिए. छात्र-छात्राओं को कोचिंग पर निर्भरता कम होगी. खुशबू कुमारी ने कहा कि मदनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक की नियुक्ति होनी चाहिए,जिससे महिलाओं को इलाज में दिक्कत न हो. शमशेर सिंह, अनिल मेहता, हरिद्वार, मनोज व रत्नेश ने कहा कि इंदिरा आवास योजना का दूसरा किस्त की राशि खाते में नहीं जा रही है. लोगों को आधा अधूरा घर परेशानी का सबब बना हुआ है. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि शौचालय का भी निर्माण नहीं कराया जा रहा है जिस कारण लोग खुले में शौच करने को विवश है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि शिक्षा को लेकर लोगों में इतनी जागरूकता नहीं है. नतीजतन सरकारी योजनाओं की पेच को ग्रामीण समझ नहीं पा रहे हैं. आपसी खींचतान में कई योजना धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ रही है.
