अरवल से निशिकांत की रिपोर्ट
Muharram 2026: अरवल जिले में हजरत इमाम हुसैन की महान शहादत पर मुहर्रम का पर्व बेहद शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया. जिले के विभिन्न इमामबाड़ों से मुहर्रम के खलीफाओं के नेतृत्व में ताजिया और अलम का भव्य जुलूस निकाला गया. इस दौरान काफी तादाद में बच्चे, नौजवान और बुजुर्ग अपने माथे पर ‘या हुसैन’ लिखी हरी पट्टी और सिर पर हरी पगड़ी बांधकर, हाथों में धार्मिक झंडे लेकर शामिल हुए. रविवार को दसवीं की तिथि पर विभिन्न गांवों से जुलूस के साथ ताजिया को शहर लाया गया, जहां मुस्लिम समुदाय का दस दिनों का यह त्योहार पहलाम के साथ संपन्न हुआ.
Arwal News: युवाओं ने दिखाए पारंपरिक हथियारों के करतब
जुलूस के दौरान जगह-जगह अखाड़े के खिलाड़ियों और युवाओं ने तलवार, भाला, गड़ासा और लाठी के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाए. कुछ युवाओं ने आग के गोले के साथ भी साहसिक प्रदर्शन कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसके साथ ही नगाड़े, ढोल और तासा की थाप पर मैदान-ए-जंग का दृश्य बड़े ही आकर्षक और अनोखे अंदाज में पेश किया गया. वक्ताओं ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन अपने परिवार के साथ कर्बला के मैदान में शहीद हो गए थे, लेकिन उन्होंने बातील (अधर्म) के आगे कभी अपना सिर नहीं झुकाया. इस जुलूस में समाज के विभिन्न धर्मों के लोग भी शामिल हुए.
ड्रोन कैमरों से रखी गई उपद्रवियों पर नजर
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे. जिले के कुल 139 चिन्हित स्थानों पर दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट) के साथ भारी संख्या में पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई थी. शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दी और ड्रोन कैमरों की मदद से असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी गई. इसके अलावा कर्बला पर बनाए गए प्रशासनिक मंच पर तैनात दंडाधिकारियों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे थे.
अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पेश की मिसाल
मुहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार संजय, डीएसपी (मुख्यालय) हरीश कुमार सिन्हा, बीडीओ सुषमा कुमारी, सीओ विजया कुमारी और नगर थानाध्यक्ष दरबारी चौधरी सहित सभी प्रशासनिक अधिकारी सड़कों पर डटे रहे. वहीं, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता शाह इमरान अहमद, आरटीआई कार्यकर्ता मोहम्मद मुजाहिद हुसैन उर्फ चीना और खलीफा मोहम्मद खालिद हुसैन सहित कई स्थानीय प्रबुद्ध लोग भी पूरी तरह सक्रिय नजर आए.
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