Arwal News: अरवल समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला पदाधिकारी (DM) अमृषा बैंस की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया. जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से पहुंचे 16 नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत व सार्वजनिक समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया. डीएम ने सभी आवेदनों पर गंभीरतापूर्वक सुनवाई की और कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन कराया, जबकि शेष मामलों के त्वरित और पारदर्शी समाधान हेतु संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए.
प्रमुख विभागों से जुड़ी शिकायतें रहीं शामिल
जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अंचल कार्यालय, थाना, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सिविल सर्जन कार्यालय, जिला स्थापना शाखा, भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कार्यालय, सामान्य शाखा, समाज कल्याण विभाग, खनन विभाग और राजस्व विभाग से संबंधित मामले सुनवाई के लिए पहुंचे.
जनता दरबार में उठे प्रमुख मामले और डीएम के निर्देश
- निरंजनपुर में बालू घाट सड़क निर्माण पर रोक की मांग: कलेर प्रखंड के निरंजनपुर गांव के ग्रामीणों ने आवेदन देकर बताया कि गांव में उच्च एवं मध्य विद्यालय संचालित हैं. वहीं से होकर बालू घाट के लिए सड़क बनाई जा रही है, जिस पर भारी वाहनों का लगातार आवागमन हो रहा है, जिससे विद्यार्थियों और ग्रामीणों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है. ग्रामीणों ने इस निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. इस पर डीएम ने जिला खनन पदाधिकारी (DMO) एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को संयुक्त रूप से स्थल जांच कर त्वरित व सुधारात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया.
- पाठकचक में जलजमाव की समस्या: करपी प्रखंड के पाठकचक गांव निवासी विजय सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि मुख्य गली में मिट्टी भरकर पीसीसी ढलाई करा दी गई है, जिससे नाली और बारिश के पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है. पूर्व में अंचल कार्यालय को सूचना देने के बाद भी कोई पहल नहीं हुई. इस पर डीएम ने करपी के अंचलाधिकारी (CO) को तत्काल मौका मुआयना कर नियमानुसार जल निकासी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.
- जाति प्रमाण पत्र निर्गत कराने की गुहार: कुर्था प्रखंड अंतर्गत सचई गांव की निवासी सोनी देवी ने डीएम को बताया कि स्थानीय राजस्व पदाधिकारी द्वारा उनका जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है. मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने कुर्था के अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी को दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार अविलंब प्रमाण पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया.
त्वरित और पारदर्शी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता
जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनता दरबार में प्राप्त किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए. आमजन की शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर निष्पादन करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
Also Read: सात माह से मानदेय नहीं मिलने पर सेविका-सहायिकाओं में आक्रोश, कई मुद्दों पर विचार किया
