गांव रोशन करने निकली सोलर लाइट खुद बुझी, अरवल में 2500 से ज्यादा खराब,कई जगह दो-तीन घंटे ही जल रही

अरवल में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना की 2500 से अधिक सोलर लाइटें खराब हैं. इनकी मरम्मत न होने से गांवों की गलियां रात में अंधेरे में डूबी हैं. यह योजना चार साल बाद भी अधूरी है.

Arwal Solar Light : अरवल में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत गांवों की गलियों को रोशन करने के लिए लगायी गयी सोलर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की स्थिति अरवल जिले में खराब है. जिले के सभी 852 वार्डों में अब तक 9160 सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी जा चुकी हैं, लेकिन इनमें 2500 से अधिक लाइट खराब पड़ी हैं. खराब लाइटों की समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण कई गांवों की गलियां रात में अंधेरे में डूबी रहती हैं.

कई जगह लाइट बनी शोपीस

गांवों में शहर की तर्ज पर रोशनी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायतों के सभी वार्डों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना शुरू की गयी थी. इसके तहत प्रत्येक वार्ड में चयनित स्थानों पर लाइट लगायी जानी थी. लेकिन जिन स्थानों पर लाइट लगायी गयी है, उनमें से बड़ी संख्या में लाइट खराब हो चुकी हैं. कई जगह ये लाइटें केवल गलियों की शोभा बढ़ाती नजर आ रही हैं.

अंतिम चरण में लगी लाइट भी खराब

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार अंतिम चरण में लगायी गयी छह सोलर स्ट्रीट लाइटों में से चार लाइट या तो जल नहीं रही हैं या कुछ घंटे ही रोशनी दे रही हैं. कई लाइटें रात करीब 12 बजे के बाद स्वतः बंद हो जाती हैं. इससे ग्रामीणों को रात के समय आवाजाही में परेशानी होती है.

चार साल बाद भी पूरा नहीं हुआ काम

सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना का काम चार वर्ष पूरा होने के बाद भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है. योजना को पांच वर्ष में पूरा किया जाना था. इसे चार चरणों में क्रियान्वित कराया गया है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 9160 सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी गयी हैं. इसके अलावा पंचायतों के मुखिया द्वारा अपने स्तर से भी सोलर लाइट लगायी गयी हैं.

सर्वे के बाद हुआ था स्थानों का चयन

सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से सर्वे कराया गया था. सर्वे के दौरान लाइट लगाने के लिए स्थान और पोल चिह्नित किये गये थे. इसके बाद ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित कर वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति से अनुमोदन कराया गया था.

दो कंपनियों को दी गयी थी जिम्मेदारी

सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य सावित्री सोलर प्राइवेट लिमिटेड और सोलेक्स एनर्जी लिमिटेड को दिया गया था. सोलेक्स एनर्जी लिमिटेड को कलेर प्रखंड में तथा सावित्री सोलर प्राइवेट लिमिटेड को अरवल, करपी, कुर्था और सोनभद्र बंसी प्रखंड में लाइट लगाने की जिम्मेदारी दी गयी थी.

प्रखंडवार लगी सोलर स्ट्रीट लाइट

अरवल प्रखंड की 12 पंचायतों के 136 वार्डों में 1550 सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी गयी हैं. करपी प्रखंड के 255 वार्डों में 2740, कुर्था प्रखंड के 137 वार्डों में 1470, सोनभद्र बंसी प्रखंड के 109 वार्डों में 1170 तथा कलेर प्रखंड के 208 वार्डों में 2230 सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी गयी हैं.

30 प्रतिशत लाइट खराब : डीपीआरओ

जिला पंचायती राज पदाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जिले में करीब 30 प्रतिशत सोलर स्ट्रीट लाइट खराब हैं. खराब लाइटों की मरम्मत के लिए संबंधित कंपनी को लिखा गया है. उन्होंने कहा कि कंपनी को खराब लाइटों को ठीक करने का निर्देश दिया गया है.

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By निशिकांत सिंह

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