अरवल में कामकाजी महिलाओं के लिए खुलेगा ‘सखी निवास’, सुरक्षित आवास के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं

अरवल में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास देने के लिए मिशन शक्ति के तहत सखी निवास छात्रावास खोला जाएगा। जानें किसे और कैसे मिलेगा इसका लाभ।

अरवल. कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए शहर में छात्रावास खोलने की योजना है. मिशन शक्ति के तहत अरवल में ‘सखी निवास’ का संचालन किया जायेगा. मिशन शक्ति के जिला समन्वयक धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि शहर के निजी और सरकारी संस्थानों में काम करने वाली अकेली महिलाओं को किराये पर सुरक्षित आवास मिलने में परेशानी होती है. सखी निवास के शुरू होने से ऐसी महिलाओं को स्वच्छ और सुरक्षित आवासन की सुविधा मिल सकेगी.

किराये के भवन में चलेगा सखी निवास

जिला प्रशासन की ओर से सखी निवास के संचालन के लिए किराये का भवन लिया जायेगा. कामकाजी महिलाओं के साथ उच्च शिक्षा या प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं को भी सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान पर आवास उपलब्ध कराया जायेगा. यह केंद्र प्रायोजित ‘सखी निवास योजना’ के तहत संचालित होगा.

आवास के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं

सखी निवास योजना का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना है. प्रस्तावित छात्रावास में महिलाओं के लिए भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा, ग्रुप एक्टिविटी और डे-केयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी. इससे कामकाजी महिलाओं को नौकरी के साथ सुरक्षित माहौल में रहने की सुविधा मिलेगी.

प्रशिक्षण ले रही महिलाओं को भी मिलेगा लाभ

नौकरी के लिए प्रशिक्षण ले रही महिलाओं को भी सखी निवास में आवास दिया जा सकेगा. हालांकि प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं की संख्या छात्रावास की कुल क्षमता के 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी.

अविवाहित से लेकर विवाहित महिलाओं तक को मिलेगा लाभ

सखी निवास योजना के तहत अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा या विवाहित कामकाजी महिलाओं को आवास की सुविधा दी जा सकेगी. शर्त यह होगी कि उनका तत्काल परिवार उसी शहर या क्षेत्र में निवास नहीं करता हो. पात्र महिलाओं को आवश्यकतानुसार अधिकतम तीन वर्षों तक आवास उपलब्ध कराया जा सकेगा.

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बच्चों के लिए भी आवास और डे-केयर की सुविधा

कामकाजी महिलाओं के आश्रित बच्चों को भी उनके साथ रहने की सुविधा दी जायेगी. 18 वर्ष तक की लड़कियों और 12 वर्ष तक के लड़कों को मां के साथ सखी निवास में रहने की अनुमति होगी. कामकाजी माताओं को डे-केयर सेंटर की सेवाओं का लाभ भी मिल सकेगा.

35 हजार रुपये तक मासिक आय वाली महिलाओं को लाभ

सखी निवास का लाभ लेने के लिए लाभार्थी महिला की कुल मासिक आय 35,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. योजना का उद्देश्य ऐसी कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, जिन्हें शहर में अकेले रहने के लिए उचित और किफायती जगह नहीं मिल पाती है.

8 कर्मचारियों की होगी व्यवस्था

सखी निवास के संचालन के लिए कुल आठ मानवबल का प्रावधान किया गया है. इसमें सखी निवास मैनेजर, वार्डेन, केयरटेकर, सिक्योरिटी गार्ड और नाइट गार्ड समेत अन्य कर्मियों की व्यवस्था की जायेगी. सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के साथ छात्रावास के संचालन की तैयारी की जा रही है.


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By Nishikant kumr

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