Arwal News: (अरवल, अंजनी कुमार की रिपोर्ट)
मलमास मेले की तीसरी सोमवारी के अवसर पर ऐतिहासिक मधुश्रवां शिव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह से ही भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं.
आस्था की भीड़ से पूरा परिसर भक्तिमय
तीसरी सोमवारी पर मधुश्रवां धाम में आस्था का सैलाब देखने को मिला। लगभग 50,000 श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूजा-अर्चना की.
सुरक्षा के लिए प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है. मधुश्रवां जाने वाले मार्ग पर चार स्थायी और दो अस्थायी बैरिकेडिंग लगाई गई हैं, ताकि यातायात सुचारु रहे.
14 दंडाधिकारी और 44 पुलिसकर्मी तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के तहत 14 दंडाधिकारी और 44 पुलिस बल की तैनाती की गई है. निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, जबकि एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को विशेष छूट दी गई है.
सीसीटीवी और कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी
मंदिर परिसर और पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. दो कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है. साथ ही मंदिर परिसर में सेल्फी लेने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.
प्रशासनिक अधिकारी कर रहे लगातार निरीक्षण
जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस और पुलिस अधीक्षक डॉ. नवजोत सिमी के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार, अंचलाधिकारी सर्वेश कुमार सिन्हा और थानाध्यक्ष मनोरंजन कुमार लगातार मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं.
धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा है मधुश्रवां धाम
मान्यता है कि मलमास के दौरान 33 कोटि देवी-देवता मधुश्रवां धाम में निवास करते हैं. यहां स्नान, ध्यान और पूजा करने से पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होती है.
15 जून को होगा मेले का समापन
यह मलमास मेला 15 जून तक चलेगा. 11 जून को पुरुषोत्तमी एकादशी के अवसर पर अंतिम शाही स्नान होगा, जबकि 15 जून को अमावस्या स्नान और देवताओं के विसर्जन के साथ मेले का समापन किया जाएगा.
