कलेर में अंग्रेजों के जमाने का सोन नहर पुल हुआ जर्जर, मलमास मेले के जाम से हादसे का डर

Arwal News: अरवल जिले के कलेर प्रखंड अंतर्गत मेहंदिया स्थित अंग्रेजों के जमाने का सोन नहर पुल इन दिनों भीषण जाम और जर्जरता के कारण बड़े हादसे को न्योता दे रहा है. मधुश्रवां मलमास मेले के चलते पुल पर श्रद्धालुओं और वाहनों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है.

Arwal News: (अंजनी कुमार की रिपोर्ट) अरवल जिले के कलेर प्रखंड अंतर्गत मेहंदिया स्थित सोन नहर पुल पर इन दिनों भीषण जाम की समस्या आम लोगों और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. क्षेत्र में चल रहे प्रसिद्ध मधुश्रवां मलमास मेले के कारण पुल पर अचानक वाहनों और राहगीरों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है. स्थिति यह है कि पुल पर सुबह से लेकर देर रात तक घंटों वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे न केवल आम राहगीरों को बल्कि दूर-दराज से आने वाले मेला श्रद्धालुओं को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

सैकड़ों गांवों की ‘लाइफलाइन’ है यह पुल

यह सोन नहर पुल मेहंदिया सहित पहलेजा, जयपुर, सवजपुरा, बंबई, बख्तर, उसरी, चकिया जैसे आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों के आवागमन का एकमात्र प्रमुख मार्ग है. इसके अलावा, करपी, शहरतेलपा, हसपुरा, देवकुंड और उपहरा जैसे बड़े क्षेत्रीय बाजारों तक पहुंचने के लिए भी लोग इसी मुख्य रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों और छोटे वाहनों की आवाजाही होने के कारण यहाँ हमेशा गंभीर रूप से भीड़भाड़ की स्थिति बनी रहती है.

पहले से ही क्षतिग्रस्त घोषित है पुल

चिंताजनक बात यह है कि यह पुल अंग्रेजों के शासनकाल का बना हुआ है और इसकी तकनीकी आयु (लाइफ) काफी पहले ही पूरी हो चुकी है. वर्षों पुराने इस पुल के कई पिलर और छत के हिस्से जर्जर होकर टूट चुके हैं. पुल की नाजुक स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने काफी समय पहले ही इस पर भारी वाहनों (जैसे ट्रक, बस) के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी थी. इसके बावजूद, मेले के दौरान छोटी गाड़ियों, ऑटो, ई-रिक्शा, दोपहिया वाहनों और पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं का भार इस पर क्षमता से कई गुना अधिक बढ़ गया है, जिससे सफर करना खतरे से खाली नहीं है.

वन-वे ट्रैफिक और पुलिस बल की तैनाती की उठी मांग

स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मलमास मेले की समाप्ति में अभी करीब 15 दिन का समय शेष है. ऐसे में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि:

  • पुल के दोनों छोरों पर तुरंत पुलिस बल (यातायात कर्मी) की तैनाती की जाए.
  • पुल पर ‘वन-वे’ व्यवस्था लागू की जाए, यानी एक तरफ से वाहनों को पास कराने के बाद ही दूसरी ओर के वाहनों को बारी-बारी से छोड़ा जाए.

गंभीरता से लिया जा रहा है मामला, जल्द उठाए जाएंगे कदम: एसडीओ

इस पूरे मामले और ग्रामीणों की आशंकाओं पर जब अरवल अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संजीव कुमार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि जाम की समस्या के कारण लोगों को हो रही परेशानी की जानकारी मिली है. प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है. उन्होंने आश्वस्त किया कि पुल पर यातायात व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए जल्द ही प्रभावी कदम उठाए जाएंगे और संबंधित अधिकारियों को पुलिस बल प्रतिनियुक्त करने के आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि मेले में आए श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो.

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Published by: Nikhil Anurag

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