Arwal News: अरवल जिले के प्लस टू विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है. कंप्यूटर शिक्षक की कमी के कारण 42 से अधिक स्कूलों में छात्रों को कंप्यूटर की पढ़ाई नहीं मिल पा रही है, जिससे आधुनिक शिक्षा का लक्ष्य प्रभावित हो रहा है.
72 में से 42 स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा बाधित
जिले में कुल 72 प्लस टू विद्यालय हैं, लेकिन इनमें से 42 विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा पूरी तरह से बाधित है. कई स्कूलों में कंप्यूटर लैब होने के बावजूद शिक्षक नहीं होने के कारण छात्र उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं.
कंप्यूटर लैब बनी शोभा की वस्तु
कई विद्यालयों में कंप्यूटर उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद वे केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं।. समय पर प्रशिक्षण और संचालन न होने के कारण ये मशीनें धूल फांक रही हैं और छात्रों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है.
छात्रों के भविष्य पर असर
कंप्यूटर शिक्षा आज के समय में बेहद जरूरी हो चुकी है. इसके अभाव में छात्र डिजिटल कौशल, इंटरनेट उपयोग और तकनीकी ज्ञान से वंचित रह जा रहे हैं, जो उनके भविष्य और रोजगार के अवसरों को प्रभावित कर सकता है.
शिक्षकों की कमी बनी बड़ी समस्या
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नीरज कुमार के अनुसार, पहले कॉन्ट्रैक्ट पर कंप्यूटर शिक्षक कार्यरत थे, लेकिन उनकी सेवा समाप्त हो जाने के बाद पढ़ाई प्रभावित हुई है. वर्तमान में कई विद्यालयों में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं.
लैब और शिक्षकों में असंतुलन
जानकारी के अनुसार, जिले के 72 विद्यालयों में से मात्र 30 में ही कंप्यूटर लैब उपलब्ध है, जबकि 62 विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षक तैनात हैं. लेकिन कई जगह लैब न होने के कारण शिक्षक भी बिना काम के रह रहे हैं.
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
स्थिति यह भी दर्शाती है कि कई जगह शिक्षक तैनात होने के बावजूद संसाधनों की कमी के कारण उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे सरकारी संसाधनों के सही उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं.
छात्रों की मांग: जल्द हो समाधान
छात्रों और अभिभावकों ने मांग की है कि जल्द से जल्द कंप्यूटर शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति और लैब की व्यवस्था की जाए, ताकि तकनीकी शिक्षा को मजबूत किया जा सके.
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