भारतीय क्रिकेटर ‘आकाशदीप’ का अरवल में सम्मान, डीएम ने कहा- युवाओं के लिए प्रेरणा हैं

Arwal News: भारतीय क्रिकेट टीम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आकाश दीप के अरवल पहुंचने पर जिला पदाधिकारी अमृता बैंस ने समाहरणालय में उन्हें सम्मानित किया. डीएम ने भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं. कार्यक्रम में कई अधिकारी मौजूद रहे.

Arwal News: (निशिकांत कि रिपोर्ट) भारतीय क्रिकेट टीम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आकाशदीप के अरवल पहुंचने पर जिला प्रशासन की ओर से उनका सम्मान किया गया. इस दौरान उन्होंने जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस से शिष्टाचार मुलाकात भी की. समाहरणालय स्थित जिला पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में डीएम अमृषा बैंस ने आकाशदीप को सम्मानित करते हुए भारतीय क्रिकेट में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना की.

बिहार का बढ़ाया मान-सम्मान

रोहतास जिले के निवासी आकाशदीप ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और प्रतिभा के बल पर भारतीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है. उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर बिहार तथा देश का गौरव बढ़ाया है.

युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत

सम्मान समारोह के दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि आकाशदीप की सफलता बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है. उनकी उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. उन्होंने आकाशदीप को भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

कई अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार और पुलिस उपाधीक्षक हरीश कुमार सिन्हा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. सभी ने आकाशदीप को सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों पर खुशी जताई.

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By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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