Arrah News: भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत रामलगन लाल के टोला गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से एक 21 वर्षीय युवक की असमय जान चली गई. घटना शनिवार सुबह की है, जब युवक गांव के अन्य लड़कों के साथ नहाने गया था और गहरे पानी में समा गया. शनिवार से ही चल रहे सघन खोजबीन अभियान के बाद रविवार की सुबह राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने उसके शव को पानी से बाहर निकाला. मृतक की पहचान बिहिया थाना क्षेत्र के ही रामडिहरा गांव निवासी राजकिशोर राम के 21 वर्षीय पुत्र मोहित राम के रूप में हुई है.
दोस्तों के साथ गया था नहाने, तेज बहाव में हुआ लापता
मृतक के चचेरे भाई बिट्टू राम ने बताया कि मोहित 21 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अपने ननिहाल रामलगन लाल के टोला आया था और त्योहार मनाने के बाद वापस अपने पैतृक गांव लौट गया था. दो दिन पूर्व ही वह दोबारा किसी काम के सिलसिले में ननिहाल आया हुआ था. शनिवार की सुबह गांव के पांच-छह अन्य लड़कों के साथ वह बाढ़ के जमा पानी में नहाने चला गया. नहाने के दौरान पैर फिसलने और गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण वह गहरे गड्ढे और तेज बहाव की चपेट में आ गया तथा देखते ही देखते पानी में समा गया. साथियों के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटे, लेकिन तब तक वह लापता हो चुका था.
24 घंटे तक चला सघन सर्च अभियान, रविवार सुबह मिला शव
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय बिहिया थाने की पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. शनिवार की दोपहर से लेकर देर शाम तक एसडीआरएफ के गोताखोरों ने मोटरबोट के सहारे जलमग्न इलाके में काफी खोजबीन की, लेकिन अंधेरा हो जाने और पानी के तेज बहाव के चलते शनिवार को सफलता नहीं मिल सकी. रविवार की सुबह प्रशासन और एसडीआरएफ ने दोबारा सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसके बाद कड़ी मशक्कत से शव को पानी से बाहर निकाला गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक प्रक्रिया पूरी की और अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मां और भाई का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक मोहित अपने दो भाइयों में छोटा था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार को आर्थिक संबल देने का प्रयास कर रहा था. उसके परिवार में मां मीना देवी और बड़ा भाई रोहित राम हैं. बेटे की असामयिक मौत की खबर मिलते ही मां मीना देवी बदहवास हो गईं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में इस दर्दनाक हादसे के बाद मातमी सन्नाटा पसर गया है. स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने जिला प्रशासन से आपदा प्रबंधन विभाग के तहत पीड़ित परिवार को तत्काल चार लाख रुपये की सरकारी मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की है.
