Ara News : शाहपुर-कारनामेपुर सड़क पर चढ़ा पानी, लोगों का सड़क संपर्क टूटा

गंगा नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि के कारण शाहपुर दियारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गयी है. क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली शाहपुर-कारनामेपुर सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है.

शाहपुर. गंगा नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि के कारण शाहपुर दियारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गयी है. क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली शाहपुर-कारनामेपुर सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है. भरौली पुल से लेकर रमदतही गांव तक करीब तीन किलोमीटर लंबे क्षेत्र में डेढ़ से दो फुट तक पानी भर गया है. कई स्थानों पर पानी की तेज धार चल रही है, जिससे पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है. सड़क मार्ग पर पानी चढ़ जाने के कारण वाहनों का आवागमन लगभग ठप हो चुका है. बिहिया चौरास्ता-गौरा और शाहपुर-कारनामेपुर पथ पर भरौली पुल के बाद दो से तीन फुट पानी भर गया है. इससे पूरे दियारा क्षेत्र का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क लगभग टूट चुका है. बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए लगभग 50 गांवों से लोगों का पलायन शुरू हो गया है. प्रखंड की करीब 20 पंचायतें बाढ़ के पानी से घिर चुकी हैं. एक लाख से अधिक आबादी इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हो चुकी है. गंगा की तलहटी में बसे गांवों के लोग अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ बक्सर-कोईलवर तटबंध पर शरण ले रहे हैं.

पंचायत जनप्रतिनिधियों ने की नाव की मांग

दामोदरपुर बांध पर बनाये गये राहत शिविर में बुधवार को सैकड़ों लोग पहुंचे. शिविर में शरण लिये लोगों ने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त कर्मी कभी-कभी ही पहुंचते हैं. कई पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने नाव की मांग की है. उनका कहना है कि अंचलाधिकारी फोन नहीं उठातीं और कार्यालय में भी उपलब्ध नहीं होतीं. बाढ़ के कारण एहतियातन कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गयी है. लोग सोलर पैनल के माध्यम से अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं. ग्रामीण अपने मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों पर बसे तटबंध पर रहने को मजबूर हैं. जल स्तर में वृद्धि के कारण दामोदरपुर, बहोरनपुर, गौरा, लक्षुटोला और करजा पंचायत के लोगों का पलायन शुरू हो चुका है. सुहिया पंचायत के लोग सहजौली के यादव जी के हाता में शरण लिये हुए हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है. भरौली के आसपास भी सुहिया पंचायत के लोग अपने मवेशियों के साथ डटे हुए हैं. बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच चुका है, जिससे जान-माल की रक्षा करना चुनौती बन गया है. प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है. शाहपुर-कारनामेपुर, गौरा-दामोदरपुर, भरौली-सुहिया, करनामेपुर-लालू के डेरा, रमदतही-दलनछपरा, उमरावगंज-चारघाट, गौरा-लक्षुटोला, शाहपुर-बरिसवन भाया सेमरिया, शाहपुर-हरिहरपुर, भरौली-महरजा, शाहपुर-मिश्रावालिया व शाहपुर-गोपालपुर सड़कें पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं. शाहपुर दियारा क्षेत्र की लगभग 15 हजार एकड़ कृषि योग्य भूमि बाढ़ के पानी में डूब चुकी है. धान, मक्का, सब्जी समेत कई फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं. शाहपुर नगर पंचायत के एक एकड़ क्षेत्र में लगी फसल डूबकर बर्बाद हो गयी है. वार्ड संख्या दो, तीन, छह, सात एवं आठ में सैकड़ों घरों में पानी घुस चुका है, जिससे करीब 3000 लोग बुरी तरह प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की है. कई इलाकों में अभी भी टेंट और सुरक्षित पानी की सुविधा नहीं है. लोग खुले में किसी तरह अपना जीवन यापन कर रहे हैं. प्रशासनिक लापरवाही और तैयारी की कमी से जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

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