ward member murder: चौरी थाना क्षेत्र के भीखमपुर गांव में शुक्रवार की सुबह हुई वार्ड सदस्य अशोक सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है. मृतक के छोटे बेटे बाबूधन के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में गांव के संतोष सिंह, उसके पुत्र मनु कुमार, भाई भानु प्रताप सिंह भाटिया, प्रेम सिंह और उसके रिश्तेदार पिंटू सिंह समेत सात लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है.
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपितों में संतोष सिंह, उसका पुत्र मनु कुमार, भाई भानु प्रताप सिंह और भतीजा प्रिंस कुमार शामिल हैं. पुलिस अन्य नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी कर रही है.
जमीन विवाद में समझौता कराने गये थे अशोक सिंह
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार मृतक के बेटे बाबूधन ने बताया कि उसके चचेरे भाई कृष्णा सिंह और भानु प्रताप सिंह के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. इस विवाद को सुलझाने के लिए उसके पिता अशोक सिंह समझौता कराने का प्रयास कर रहे थे.
आरोप है कि शुक्रवार की सुबह पिंटू सिंह साजिश के तहत अशोक सिंह के घर पहुंचा और यह कहकर उन्हें अपने साथ ले गया कि दो पक्षों के बीच झगड़ा हो रहा है. आरोप के अनुसार, वहां पहुंचते ही पहले से मौजूद लोगों ने साजिश के तहत अशोक सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी.
हत्या के बाद ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
बताया जाता है कि शुक्रवार की सुबह भीखमपुर गांव निवासी गांधी जी के पुत्र एवं वार्ड सदस्य अशोक सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने अगिआंव मोड़ को करीब दो घंटे तक जाम रखा.
इधर, पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस हत्या के कारणों और घटना में शामिल अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
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