आरा में बारिश के बाद जलमग्न हुआ VKSU, विश्वविद्यालय में घुटने भर पानी, परीक्षा विभाग में भी घुसा बारिश का पानी

बारिश ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है. कतीरा और जीरोमाइल दोनों परिसरों में घुटने भर पानी भर गया, जिससे छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. परीक्षा विभाग में भी पानी घुस गया है.

Veer Kunwar Singh University: रात में हुई झमाझम बारिश ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति सामने ला दी. विश्वविद्यालय के पुराने कतीरा परिसर से लेकर नूतन जीरोमाइल परिसर तक बारिश का पानी जमा हो गया. कतीरा स्थित पुराने परिसर में कई स्थानों पर घुटने भर पानी जमा रहा, वहीं जीरोमाइल स्थित नूतन परिसर के परीक्षा विभाग में बारिश का पानी प्रवेश कर गया. जलजमाव के कारण छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

बारिश के बाद दोनों परिसरों में आवागमन प्रभावित रहा. साइकिल और मोटरसाइकिल से विश्वविद्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों और विद्यार्थियों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा. परीक्षा विभाग में पानी प्रवेश करने से महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर भी चिंता बढ़ गयी.

दोनों परिसरों में आवागमन हुआ प्रभावित

शाहाबाद प्रक्षेत्र के सभी महाविद्यालयों का मुख्यालय आरा स्थित वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों का आना-जाना होता है. ऐसे में बारिश के बाद परिसर में जलजमाव की समस्या विश्वविद्यालय की आधारभूत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है.

विश्वविद्यालय परिसर में पानी

बजट में विकास, बारिश में सामने आती है हकीकत

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की सीनेट बैठकों में छात्रहित और विकास के नाम पर बड़े बजट पारित किये जाते हैं, लेकिन धरातल पर इसका असर अपेक्षित रूप से दिखाई नहीं देता. छात्रों का आरोप है कि निर्माण एवं विकास कार्यों में जलनिकासी जैसे बुनियादी पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिये जाने के कारण हर बारिश में परिसर में पानी जमा हो जाता है.

कुलसचिव ने कहा- पानी निकालने का उचित प्रबंध

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. राम कृष्ण ठाकुर ने कहा कि बारिश के कारण परिसर में पानी जमा होने की खबर है. उन्होंने बताया कि पानी निकालने का उचित प्रबंध किया गया है.

स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

आइसा के भोजपुर जिलाध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि कतीरा और जीरोमाइल दोनों परिसरों में जलजमाव ने विश्वविद्यालय की व्यवस्था की पोल खोल दी है. छात्र, शिक्षक और कर्मचारी पानी के बीच आने-जाने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों से डेवलपमेंट फीस के नाम पर राशि ली जाती है, लेकिन एक दिन की बारिश में ही कैंपस जलमग्न हो जाता है.

उन्होंने कतीरा स्थित पुराने परिसर और जीरोमाइल स्थित नूतन परिसर में स्थायी जलनिकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था तत्काल कराने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो छात्र संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा.

वहीं, एवीबीपी के ऋतुराज ने कहा कि कतीरा और जीरोमाइल कैंपस में जलजमाव ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की व्यवस्था की पोल खोल दी है. छात्र-शिक्षक रोज परेशान हैं, लेकिन शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण आज विश्वविद्यालय पानी से भरा पड़ा है और आवागमन में समस्या हो रही है. उन्होंने तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था और स्थायी समाधान की मांग की. साथ ही कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो परिषद आंदोलन के लिए बाध्य होगी.

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By आशुतोष पांडेय

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