आरा. धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमृता सिंह ने शनिवार को आरोपी अखिलेश्वर कुमार श्रीवास्तव को चार वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. अभियोजन की ओर से जिला अभियोजन पदाधिकारी रणवीर सिंह ने बहस की. अभियोजन के अनुसार हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ने अपने उत्पादों की बिक्री के लिए नवादा थाना क्षेत्र के मिल रोड निवासी अखिलेश्वर कुमार श्रीवास्तव को स्टोरिंग एजेंट नियुक्त किया था. आरोप है कि उसने कंपनी की अनुमति के बिना अवैध रूप से 380 टन यूरिया की बिक्री कर दी, जिससे कंपनी को 10 लाख 37 हजार 780 रुपये की क्षति हुई. इस संबंध में कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर सुरेश भाटिया ने 19 जनवरी, 1993 को संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से छह गवाहों की गवाही करायी गयी. दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए भादवि की धारा 409 के तहत चार वर्ष तथा धारा 420 के तहत तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
Bhojpuri News : यूरिया घोटाले में स्टोरिंग एजेंट को चार वर्षों का कारावास
धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमृता सिंह ने शनिवार को आरोपी अखिलेश्वर कुमार श्रीवास्तव को चार वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी.
