आरा सदर में अब दो डीसीएलआर कोर्ट, भूमि विवादों के मुकदमों का बोझ होगा कम; चार-चार अंचलों की जिम्मेदारी तय

आरा सदर अनुमंडल में भूमि संबंधित मुकदमों का बोझ कम करने के लिए दो डीसीएलआर की नियुक्ति की गई है. अब तेजी से होगा दाखिल-खारिज और भूमि विवादों का निपटारा.

Arrah News: भोजपुर जिले अंतर्गत आरा सदर अनुमंडल में भूमि विवादों और राजस्व मुकदमों के त्वरित निष्पादन के लिए अब दो भूमि सुधार समाहर्ता (DCLR) की अदालतें संचालित होंगी. राज्य सरकार ने आम लोगों की सुविधा और मामलों के बढ़ते बोझ को हल्का करने के उद्देश्य से दूसरे डीसीएलआर की नियुक्ति की है.

आरा सदर अनुमंडल में डीसीएलआर-1 के रूप में आयुष अनंत पहले से ही कार्यरत हैं, जबकि मीनू कुमारी ने डीसीएलआर-2 के रूप में पदभार संभाला है. डीसीएलआर-2 स्वतंत्रता दिवस के बाद से अपने न्यायालय का विधिवत संचालन करेंगी. दोनों अधिकारियों की अदालतें प्रतिदिन चलेंगी, जिससे भूमि संबंधी अपीलों और विवादों का तेजी से निपटारा हो सकेगा.

आठ अंचलों का दो भागों में हुआ विभाजन

आरा सदर अनुमंडल क्षेत्र के कुल आठ अंचलों को दोनों डीसीएलआर के बीच चार-चार के अनुपात में बांट दिया गया है:

  • डीसीएलआर-1 (आयुष अनंत): आरा सदर, बड़हरा, अगियांव और गढ़नी अंचल के राजस्व व भूमि विवाद मामलों की सुनवाई करेंगे.
  • डीसीएलआर-2 (मीनू कुमारी): कोइलवर, शाहपुर, संदेश और उदवंतनगर अंचल के मामलों का निष्पादन करेंगी.

म्यूटेशन अपील और भूमि विवादों का त्वरित समाधान

अंचल अधिकारियों (CO) द्वारा खारिज (Reject) किए गए दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों की अपील डीसीएलआर कोर्ट में ही की जाती है. इसके अलावा बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम (BLDR) के तहत दायर याचिकाओं की सुनवाई भी यहीं होती है. डीसीएलआर-1 आयुष अनंत ने बताया कि दो अलग-अलग कोर्ट के संचालन से लंबित मुकदमों का दबाव कम होगा और आम जनता को समयबद्ध न्याय मिल सकेगा.

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By नरेद्र प्रसाद सिंह

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