सीआरपीएफ जवान के पार्थिव शरीर पहुंचते ही ठकुरी में पसरा मातम

सैन्य अधिकारियों के गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गयी अंतिम विदाईअपने जन्मभूमि की मिट्टी में विलीन हुए जवान पप्पू यादव

चरपोखरी.

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 22वीं बटालियन में तैनात चरपोखरी प्रखंड के ठकुरी गांव के स्व. जयबहादुर सिंह के 42 वर्षीय द्वितीय पुत्र पप्पू यादव के कथित तौर पर आत्महत्या के बाद गुरुवार की दोपहर उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ठकुरी पहुंचा. जहां गार्ड ऑफ ऑनर सीआरपीएफ के सैन्य अधिकारियों ने देकर अंतिम विदाई दी. इस दौरान जवान के बड़े भाई कृष्णा यादव ने मुखाग्नि दी.

इसके बाद अपने ही जन्मभूमि की मिट्टी पर पंचतत्व में विलीन हो गये. इधर जवान का पार्थिव शरीर पहुंचते ही पूरा गांव मातम में डूब गया. सभी की आंखें नम हो गयीं. बता दें कि छत्तीसगढ़ के मिगांचल शिविर में ड्यूटी के दौरान पप्पू यादव ने बुधवार की अहले सुबह अपने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. जिसका खबर मिलने के बाद से ही परिवार व गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. इस हृदय विदारक घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है. पप्पू यादव की पत्नी अतिसुंदरी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं, मां सोनामुखी कुंअर अपने पुत्र वियोग में बार-बार बेहोश हो जा रही हैं. मृत जवान के घर पहुंचे हर ग्रामीण की आंखें नम थीं.

दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया पप्पू यादव के असामयिक मृत्यु से एक ओर जहां पत्नी अतिसुंदरी देवी का सुहाग उजड़ गया है. वहीं, उनकी दो बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है. बड़ी बेटी मनीषा कुमारी (14) 9वीं में तथा छोटी पुत्री अनुष्का कुमारी (10) चौथी वर्ग में आरा के निजी विद्यालय में पढ़ती हैं.

मृत्यु से एक घंटे पहले की थी बात, पत्नी ने लगाया प्रताड़ना का आरोपपप्पू यादव ने अपनी मौत से महज दो घंटे पहले अपनी पत्नी और बच्चों से बात की थी. वह उनकी आखिरी बातचीत थी. वर्ष 1997 में अतिसुंदरी देवी से शादी के बाद उनके वैवाहिक जीवन से दो बेटियां हुईं. पप्पू यादव की पत्नी अतिसुंदरी देवी ने बताया कि वह अपने सीनियर अधिकारी के आदेशों को लेकर काफी प्रताड़ित रहते थे. ऐसे में वह मानसिक तनाव में यह कदम उठाये होंगे. 2006 से कर रहे थे देश सेवापप्पू यादव अपने चार भाइयों में दूसरे स्थान पर थे. उनके बड़े भाई कृष्णा यादव भी सीआरपीएफ में दिल्ली में तैनात हैं. पप्पू यादव की नौकरी वर्ष 2006 में लगी थी और उनकी पहली पोस्टिंग चेन्नई में हुई थी. ग्रामीणों के अनुसार, पप्पू यादव काफी मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्ति थे, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहते थे. पीड़ित परिवार से मिले विधायकजवान के अंतिम संस्कार में अगिआंव विधानसभा के विधायक शिवप्रकाश रंजन शामिल हुए. उन्होंने पहले तो जवान के शव को श्रद्धांजलि देते हुए सैल्यूट किया. इसके बाद पीड़ित परिवार से मिलकर दुख प्रकट करते हुए सांत्वना दी.

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Author: DEVENDRA DUBEY

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