पत्नी की हत्या के मामले में पति को सश्रम आजीवन कारावास

मृतिका का पुत्र चक्षुदर्शी ने भी गवाही दी थी

आरा

. पत्नी की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -17 विनोद कुमार ने शुक्रवार को दोषी पति देवीलाल ठाकुर को सश्रम आजीवन कारावास एवं कुल 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. अभियोजन की ओर से पीपी नागेश्वर दुबे ने बहस किया था.

एपीपी अजय कुमार ने बताया कि कोईलवर थानान्तर्गत भोपतपुर गांव निवासी सूचक नकछेदी ठाकुर ने अपनी पुत्री सावित्री देवी की शादी चांदी थाना अंतर्गत नरवीरपुर गांव निवासी देवीलाल ठाकुर से वर्ष 1998 में की थी. उसकी पुत्री सावित्री देवी की हत्या 29/30 नवंबर, 2008 की रात्रि में कर दी गयी थी. घटना को लेकर उसने मृतका के पति समेत अन्य के खिलाफ चांदी थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें कहा गया था कि दहेज के लिए उसका पति सावित्री देवी को प्रताड़ित करता था और उसकी हत्या कर दिया. अभियोजन की ओर से सात गवाहों की गवाही कोर्ट में हुई थी, जिसमें मृतिका का पुत्र चक्षुदर्शी ने भी गवाही दी थी. सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने भादवि की धारा 302 एवं 498 ए के तहत दोषी पाते हुए दोषी देवीलाल ठाकुर को उक्त सजा सुनायी.

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Author: DEVENDRA DUBEY

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