आरा.
बहला-फुसला कर ले जाकर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के एक मामले में षष्टम अपर जिला सत्र न्यायाधीश सह पॉस्को के विशेष न्यायाधीश आशुतोष कुमार उपाध्याय ने मंगलवार को बिहिया क्षेत्र के दोषी बिट्टू कुमार उर्फ सकलु को 20 वर्षों का कठोर कारावास तथा कुल 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी.अभियोजन की ओर से पॉस्को के विशेष लोक अभियोजक सरोज कुमारी ने बहस किया था. उन्होंने बताया कि 29 मार्च 2024 को 15 वर्षीय पीड़िता लड़की ने घर से दुकान पर जाने के लिए कह कर निकली थी. जब काफी देर तक घर नहीं आयी. इसके बाद उसके परिवार वालों ने खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. गांव के एक लड़के पर शक होने पर पीड़िता के पिता ने संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी. छह अप्रैल, 2024 को पुलिस ने बिहिया स्थित महथिन माई के मंदिर से पीड़िता एवं दोषी बिट्टू कुमार को थाना पर लाया. पुलिस ने इसकी सूचना पीड़िता के घर वालों को दी. पीड़िता ने बताया कि दोषी ने उसे बहला फुसलाकर ले गया था. पटना गायघाट कोर्ट में उसके साथ शादी की. आरोपित ने उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया. अभियोजन की ओर से कोर्ट में छह गवाहों की गवाही हुई थी. कोर्ट ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद दोषी पाते हुए उक्त दोषी को भादवि की धारा 376( 3) के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 363 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं पाॅस्को की धारा 4(2) के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास तथा 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
