गंदगी का पर्याय बन कर रह गया है वीर कुंवर सिंह मैदान में नहीं हो रही है सफाई

वीर कुंवर सिंह मैदान एनटीपीसी द्वारा सौदर्यीकरण का कार्य करने के बाद जिम्मेवारी से मुक्त हो जाने पर मैदान की स्थिति काफी दयनीय होते जा रही है.

आरा. वीर कुंवर सिंह मैदान एनटीपीसी द्वारा सौदर्यीकरण का कार्य करने के बाद जिम्मेवारी से मुक्त हो जाने पर मैदान की स्थिति काफी दयनीय होते जा रही है. सौंदर्यीकरण के बाद जिसकी पहचान स्वच्छता एवं सफाई को लेकर बन गयी थी, अब यह मैदान पुराने दुर्दिन स्थिति की तरफ लौटते जा रहा है. हर तरफ गंदगी से मैदान पटा हुआ है.

नगर के लिए है हृदयस्थली : स्वास्थ्य को लेकर शहर का हृदय आरा नगर के लिए वीर कुंवर सिंह मैदान को कहा जाता है. सौदर्यीकरण के बाद प्रतिदिन सुबह में हजारों की संख्या में लोग मैदान में टहलने आते हैं. इसमें काफी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे भी होते हैं. अलग-अलग बने चबूतरों पर महिलाएं योग, व्यायाम यदि करती हैं. वहीं दूसरे चबूतरे पर पुरुष योग व्यायाम करते हैं. मैदान के चारों तरफ बने हुए पाथवे जिसमें एक पर टाइल्स लगा हुआ है तो दूसरा पाथवे मोरम का बना हुआ है. दोनों पर टहलने वालों की लंबी कतार लगी रहती है. हालात यह है कि संध्या समय में भी काफी लोग टहलने के लिए आते हैं. कई लोग तो मैदान में बैठकर खुली हवा का आनंद लेते हैं. 9 से 10 बजे रात्रि तक लोग इस मैदान में स्वच्छ हवा के लिए बैठे रहते हैं. पर जब गंदगी हो तो इसका लाभ लोगों को कितना मिलेगा, यह नगर निगम ही बता सकता है.

नहीं हो रही है सफाई : मैदान की सफाई नहीं हो रही है. हर तरफ गंदगी एवं कचरा फैला हुआ है. कभी कभार एक सफाई कर्मी आता है और दरवाजे के पास ही सफाई करके चला जाता है. जबकि पूरे मैदान में कचरा एवं गंदगी पसरी रहती है. स्वास्थ्य के लिए खुला मैदान के साथ स्वच्छता का होना आवश्यक है. इसी कारण काफी संख्या में लोग टहलने आते हैं एवं व्यायाम आदि करने आते हैं. ताकि मैदान सौदर्यीकरण के बाद स्वच्छ एवं साफ हो गया था. पर अब वैसा नहीं रह गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह की महत्वाकांक्षी योजना में इसका सौदर्यीकरण शामिल था. जिसे उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए पूरा कराया. पर जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा इस पर कोई काम नहीं किया जा रहा है. सफाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है. महापौर इंदु देवी केवल मोहल्ले में उद्घाटन का खाना पूर्ति कर रही है. जबकि यह मैदान सभी मोहल्लों के लिए है. इसकी सफाई एवं सौदर्यीकरण से सभी को लाभ है. सभी मोहल्ले के लोग यहां आते हैं. इससे महापौर को कुछ भी लेना-देना नहीं है.

घास का भी हाल है बदहाल : मैदान की सुंदरता के लिए घास लगाया गया था. एनटीपीसी के रहने तक घास का कटिंग किया जाता था. ताकि सुंदरता बरकरार रहे. पर उसके जाने के बाद घास बेतरतीब ढंग से बढ़ जा रहा है. वहीं पानी से नहीं पटने के कारण हर जगह घास सूखते जा रहा है. पर निगम के कान पर जूं नहीं रेंग रही है. लोगों के लिए मिली सुविधा एवं अवसर को नगर निगम समाप्त कर रहा है. ऐसे में नगरवासियों के बीच आक्रोश का माहौल है.

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Published by: Amlesh prasad

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