गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज भोजपुर : जिले के 16 सिविल इंजीनियरिंग छात्रों को मिली नौकरी
चयनित छात्रों को 3.5 लाख रुपये प्रति वर्ष का पैकेज मिलेगा
आरा.
उद्योग–शिक्षा के बढ़ते समन्वय को दर्शाते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत संचालित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज भोजपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के 2022–26 सत्र के 16 छात्रों का चयन इकोस्पेस इंफ्रास्टक्चर प्राइवेट लिमेटेड में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी पद के लिए किया गया है. चयनित छात्रों को 3.5 लाख रुपये प्रति वर्ष का आकर्षक पैकेज प्रदान किया गया है. यह संस्थान विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत संचालित है. यह संपूर्ण चयन प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में आयोजित की गयी, जो आधुनिक कॉर्पोरेट भर्ती प्रणाली में डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग को दर्शाती है. चयन प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न हुई, जिसमें पहले ऑनलाइन तकनीकी परीक्षा और उसके बाद व्यक्तिगत साक्षात्कार लिया गया. इन दोनों चरणों के माध्यम से छात्रों की तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान क्षमता एवं व्यावसायिक अभिरुचि का मूल्यांकन किया गया. प्रारंभिक तकनीकी परीक्षा में सिविल इंजीनियरिंग के कुल 51 छात्रों ने भाग लिया, जिनमें से 33 छात्रों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया. कड़ी प्रतिस्पर्धा एवं पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया के उपरांत अंततः 16 छात्रों का चयन किया गया. कंपनी की नीति के अनुसार चयनित छात्रों को छह माह का संरचित प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिसके पश्चात उन्हें ग्रेजुएट इंजीनियर के पद पर पदोन्नत किया जायेगा. यह अवसर छात्रों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में उज्ज्वल करियर की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगा. इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्राचार्य डॉ पंकज श्रीवास्तव ने चयनित छात्रों को बधाई दी तथा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट टीम के निरंतर प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के परिणाम संस्थान में दी जा रही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुख कौशल विकास का प्रमाण है. साथ ही उन्होंने छात्रों को भविष्य की संभावनाओं के प्रति सजग, अनुशासित और सतत प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया.प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी प्रो. अमृतांशु रौशन ने भी चयनित छात्रों को उनकी मेहनत और लगन के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि अनुशासित तैयारी, तकनीकी स्पष्टता और आत्मविश्वास ही छात्रों की सफलता के प्रमुख आधार रहे. उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी आगामी प्लेसमेंट ड्राइव में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग का आश्वासन दिया. प्रो. रौशन ने यह भी जानकारी दी कि जनवरी एवं फरवरी माह को “प्लेसमेंट माह” के रूप में चिन्हित किया गया है, जिसके अंतर्गत तीन और भर्ती प्रक्रियाएं प्रस्तावित हैं. इन आगामी अवसरों से विभिन्न शाखाओं के छात्रों को लाभ मिलने की संभावना है और संस्थान के प्लेसमेंट रिकॉर्ड को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
