शनिवार को लगातार चौथे दिन छात्र संगठन आइसा ने अपने जैन कॉलेज इकाई का सातवां सम्मेलन का तैयारी पूरा कर लिया है.
आरा. शनिवार को लगातार चौथे दिन छात्र संगठन आइसा ने अपने जैन कॉलेज इकाई का सातवां सम्मेलन का तैयारी पूरा कर लिया है. कॉलेज सचिव चंदन दास ने कहा कि ये सम्मेलन एक ऐसे दौर में हो रहा है, जब देश में मौजूदा केंद्र की मोदी सरकार द्वारा उच्च शिक्षण संस्थान को बर्बाद करने पर लगी हुई है. नई शिक्षा नीति 2020 लाकर शिक्षा को केंद्रीकरण व निजीकरण, बाजारीकरण किया जा रहा है. पीएम श्री योजना के तहत बिहार में 336 स्कूलों को मर्ज करने की भरपूर कोशिश जारी है. बिहार में डबल इंजन की सरकार बिहार में उच्च शिक्षा को बर्बाद करने में लगी है. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की स्थिति बहुत दयनीय है. आने वाले दिनों में शिक्षा का निजीकरण के खिलाफ मजबूत से आंदोलन तेज करने की जरूरत है. वही कॉलेज अध्यक्ष सनोज चौधरी ने कहा कि कॉलेज कैंपस में छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है और ना ही शौचालय की. चाहे वह महिला कॉमन रूम हो या कॉलेज के भीतर में जितने भी विभाग हैं, जिसका खुद का पहले से बना हुआ शौचालय भी है, तो वो भी खराब एवं बहुत ही जर्जर है और परीक्षा के नाम पर परीक्षा फीस तो ले लिए जा रहे हैं. लेकिन इतनी गर्मी के दिनों में क्लास रूम या परीक्षा हॉल के बाहर कही भी एक बाल्टी पीने के लिए पानी नहीं रखा जा रहा है. ये छात्र-छात्राओं के एक तरह से शोषण है. ऐसे शोषण छात्र संगठन आइसा नहीं सहेगा. कॉलेज के भीतर लगातार गुंडागर्दी की खबरें सुनने का मिल रहा है ऐसे लंपटों को मनोबल बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ आइसा अपना नई कमेटी बना कर इस लड़ाई को लड़ेगा मौके पे शामिल रहे कॉलेज के सह-सचिव शनिदेवल पासवान, विवेक यादव, राजनंदनी, नीतू यादव, हरिओम जी, सुगन चौधरी, विकास निषाद, मोहित, बिक्की आरडीएक्स आदि शामिल थे.
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