Bhojpuri News : सात डिग्री की ठंड ने बदली दिनचर्या, लोग हो रहे बीमार
पछुआ हवा के चलते ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
आरा. पछुआ हवा के चलते ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. जनजीवन प्रभावित हो रहा है. न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इसकी वजह से दैनिक गतिविधियों में बदलाव करना पड़ रहा है. सुबह टहलने के लिए लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. स्वास्थ्य के लिए यह मौसम खतरनाक साबित हो रहा है. गरीबों की स्थिति सबसे खराब है. ठंड के चलते मजदूर और गरीब परिवार परेशान हैं. प्रशासन द्वारा अलाव और कंबल जैसी बुनियादी सुविधा नहीं उपलब्ध करायी गयी है, जिससे उनका जीवन और कठिन हो गया है. मजदूर ठंड के कारण काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं, जिससे दो वक्त की रोटी का जुगाड़ मुश्किल हो गया है. नगर और जिले में कई स्वयंसेवी एवं स्वैच्छिक संगठन होने के बावजूद ठंड में गरीबों की मदद के लिए कोई सक्रियता दिखाई नहीं दी. जनप्रतिनिधि भी इस मामले में निष्क्रिय नजर आ रहे हैं. इस वजह से आम लोग ठंड से बचाव के लिए असहज महसूस कर रहे हैं. छोटे बच्चों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी हो रही है. सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. किसानों में भी चिंता है क्योंकि ठंड और पाले से सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है. आलू की फसल और पत्तेदार सब्जियों पर पाले का असर हो सकता है. कृषि विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि आलू की फसल को पानी से पटाकर पाले से बचाया जा सकता है. अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्दी और बुखार के मरीज सामान्य दिनों की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत अधिक पहुंच रहे हैं. शहर और पूरे जिले में अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है. कई गरीब और रिक्शा चालक सड़कों पर सोने को मजबूर हैं. बिना अलाव और बचाव के स्थिति और गंभीर हो सकती है. नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और स्वयंसेवी संगठन इस गंभीर ठंड की स्थिति में तुरंत कदम उठाएं. जनता राहत और सुरक्षा की इंतजार में है, जबकि ठंड के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है.
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