आरा में निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग, नियमों की अनदेखी से सरकार को राजस्व का नुकसान

आरा जिले में निजी वाहनों का धड़ल्ले से व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, जिससे सरकारी नियमों की अवहेलना हो रही है. इस अनियमितता के कारण सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है. जानिए इस गंभीर मुद्दे के पीछे की पूरी सच्चाई.

Private Vehicles Used Commercially in Arrah : आरा जिले में वाहनों के उपयोग को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. आरोप है कि निजी उपयोग के लिए निबंधित वाहनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से व्यावसायिक और सरकारी कार्यों में किया जा रहा है. इससे न सिर्फ परिवहन नियमों की अनदेखी हो रही है, बल्कि सरकार को राजस्व का भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है.

प्रशासनिक कार्यों में निजी वाहनों का उपयोग

जानकारी के अनुसार, जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यालय से निजी श्रेणी में रजिस्टर कराए गए कई वाहन जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों में उपयोग किए जा रहे हैं. ये वाहन अधिकारियों के कामकाज में लगाए गए हैं, जबकि नियमों के अनुसार व्यावसायिक कार्यों के लिए केवल कमर्शियल रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों का ही उपयोग किया जाना चाहिए.

बताया जा रहा है कि प्रखंड स्तर से लेकर अनुमंडल और जिला स्तर तक करीब 200 से अधिक वाहन अधिकारियों द्वारा उपयोग किए जा रहे हैं, जिनमें से दर्जनों वाहन निजी निबंधन के बावजूद व्यावसायिक रूप में चल रहे हैं.

Arrah News : नियम क्या कहते हैं

सरकारी प्रावधानों के अनुसार, व्यावसायिक उपयोग के लिए वाहन का कमर्शियल निबंधन अनिवार्य है. ऐसे वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य होते हैं. इसके अलावा जीपीएस सिस्टम लगाना भी जरूरी है.

वहीं, निजी वाहनों की पहचान सफेद नंबर प्लेट से होती है, जबकि व्यावसायिक वाहनों पर पीले रंग की नंबर प्लेट पर काले अक्षरों में पंजीकरण संख्या अंकित रहती है.

निविदा प्रक्रिया में भी अनियमितता का आरोप

सरकार द्वारा अधिकारियों के लिए वाहन भाड़े पर लेने की स्पष्ट नीति बनाई गई है. इसके तहत निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के माध्यम से कमर्शियल वाहनों का चयन किया जाना चाहिए, ताकि कम लागत में पारदर्शी तरीके से सेवाएं ली जा सकें.

लेकिन आरोप है कि इस प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है और निजी वाहनों को भी इस व्यवस्था में शामिल कर लिया जा रहा है.

राजस्व पर असर

जिला परिवहन कार्यालय सरकार के राजस्व संग्रह का एक अहम स्रोत होता है. व्यावसायिक वाहनों से फिटनेस, परमिट और टैक्स के रूप में नियमित आय होती है. ऐसे में निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान भी हो रहा है.

अधिकारियों का पक्ष

इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी का कहना है कि निजी निबंधन वाले वाहनों का व्यावसायिक उपयोग नियमों के विरुद्ध है और ऐसा नहीं होना चाहिए. उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Narendra Prasad Sin

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >