Bharat Tiwari Encounter Mahapanchayat: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में बिलौटी गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया है. जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी महापंचायत में शामिल होने पहुंचे हैं. उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और परिवार का हाल जाना. प्रशांत किशोर के गांव पहुंचने के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई. बड़ी संख्या में लोग पहले से ही महापंचायत में जुटे हुए हैं. लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है.
भरत की मां और भाई से की बातचीत
प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी की मां आशा देवी और उनके भाई से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि उन्होंने करीब 20 मिनट तक परिवार के साथ बातचीत की. मुलाकात के दौरान परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. एनकाउंटर को लेकर परिवार की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी चर्चा हुई. मीडिया से बातचीत में पीके ने कहा कि 15 दिनों में अगर कार्रवाई नहीं होती है तो जितनी भीड़ यहां है इससे ज्यादा भीड़ सीएम सम्राट के आवास के बाहर होगी.
घर के बाहर जुटी हजारों लोगों की भीड़
भरत तिवारी के घर के बाहर सुबह से ही लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है. करीब 5 हजार से अधिक लोग मौके पर मौजूद हैं. लोग भरत तिवारी के समर्थन में नारे लगा रहे हैं. वहीं सरकार और प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की जा रही है.
महापंचायत में पहुंचीं 1000 से ज्यादा गाड़ियां
महापंचायत में शामिल होने के लिए यूपी और बिहार के कई जिलों से लोग बिलौटी गांव पहुंच रहे हैं. आयोजकों के अनुसार अब तक करीब 1000 से ज्यादा गाड़ियां गांव पहुंच चुकी हैं. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समुदायों के लोगों की भागीदारी देखी जा रही है.
गांव से हाईवे तक लगे पोस्टर
बिलौटी गांव से लेकर मुख्य सड़क और हाईवे तक भरत तिवारी के पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टरों में उन्हें शहीद बताते हुए इंसाफ की मांग की गई है. समर्थकों का कहना है कि भरत तिवारी जिन मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे थे, उन पर सरकार को जवाब देना चाहिए.
एक लाख लोगों के पहुंचने का दावा
आयोजकों का दावा है कि महापंचायत में एक लाख से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं. यूपी के कुछ ब्राह्मण समाज संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भोजपुर और आसपास के जिलों से भी लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई है.
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क्या है पूरा मामला?
17 जून को भोजपुर में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी. पुलिस ने इसे एनकाउंटर बताया था, जबकि परिजनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए थे. भरत की मां ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. मामले में एसडीपीओ, एसएचओ और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज किया जा चुका है.
न्यायिक जांच के आदेश
मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. वहीं सरकार ने जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है. हालांकि न्यायिक जांच किस अधिकारी या न्यायिक पदाधिकारी को सौंपी जाएगी, इसकी घोषणा अभी नहीं हुई है.
