आरा में रात 10 से 12 बजे होगा नाइट ब्लड सर्वे, 20 साल से अधिक उम्र वालों का लिया जाएगा सैंपल

Bhojpur Night Blood Survey : भोजपुर जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए नाइट ब्लड सर्वे (NBS) शुरू हो गया है. यह सर्वे 15 अक्टूबर तक चलेगा और माइक्रोफाइलेरिया के प्रसार का पता लगाएगा, जिससे आगामी दवा सेवन कार्यक्रम की रणनीति तय की जाएगी.

Bhojpur Night Blood Survey : भोजपुर जिले में आगामी सर्वजन दवा सेवन (MDA) कार्यक्रम से पहले नाइट ब्लड सर्वे (NBS) कराया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के अनुसार जिले में यह गतिविधि 15 अक्टूबर तक पूरी करनी है. सर्वे के माध्यम से जिले में माइक्रोफाइलेरिया के प्रसार की स्थिति का पता लगाया जाएगा, जिसके आधार पर आगे फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की रणनीति तय की जाएगी.

सभी प्रखंडों में तीन चयनित साइट पर होगा सर्वे

नाइट ब्लड सर्वे के लिए जिले के सभी प्रखंडों में तीन-तीन साइट का चयन किया गया है. इनमें एक सेंटिनल और दो रैंडम साइट शामिल हैं. प्रत्येक प्रखंड से कुल 300 रक्त स्लाइड एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है. इन नमूनों की माइक्रोस्कोपी जांच के बाद माइक्रोफाइलेरिया के प्रसार दर का आकलन किया जाएगा.

प्रत्येक प्रखंड से 300 स्लाइड जुटाने का लक्ष्य

गाइडलाइन के अनुसार एक प्रखंड में तीन साइट से कुल 900 स्लाइड संग्रह करने का उल्लेख है. इनमें निर्धारित सेंटिनल और रैंडम साइट के आधार पर रक्त नमूने लिए जाएंगे. सर्वे के परिणाम से संबंधित क्षेत्र में माइक्रोफाइलेरिया संक्रमण की स्थिति को समझने में स्वास्थ्य विभाग को मदद मिलेगी.

रात 10 से 12 बजे के बीच लिया जाएगा रक्त सैंपल

नाइट ब्लड सर्वे के दौरान रक्त का नमूना रात 10 बजे से 12 बजे के बीच लिया जाएगा. इस दौरान 20 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का ही रक्त सैंपल संग्रह किया जाएगा. रात में रक्त संग्रह करने का समय फाइलेरिया परजीवी की पहचान से जुड़ी जांच प्रक्रिया के अनुरूप निर्धारित किया गया है.

आरा शहरी समेत सभी प्रखंडों में गतिविधि

भोजपुर जिले में आरा शहरी क्षेत्र समेत सभी प्रखंडों में नाइट ब्लड सर्वे कराया जाएगा. अगियांव, आरा सदर ग्रामीण, आरा शहरी, बड़हरा, बिहिया, चरपोखरी, गड़हनी, जगदीशपुर, कोईलवर, पीरो, सहार, संदेश, शाहपुर, तरारी और उदवंतनगर के चयनित साइट पर रक्त संग्रह और जांच की गतिविधि आयोजित की जाएगी.

माइक्रोफाइलेरिया दर से तय होगी आगे की रणनीति

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में फाइलेरिया के नए मरीजों की पहचान के लिए नाइट ब्लड सर्वे महत्वपूर्ण माध्यम है. सर्वे से माइक्रोफाइलेरिया की प्रसार दर का पता लगाया जाता है. प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आगामी एमडीए कार्यक्रम को संचालित करने में स्वास्थ्य विभाग को मदद मिलेगी.

फाइलेरिया की स्थिति जानने में सर्वे अहम

फाइलेरिया एक वेक्टर जनित बीमारी है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है. नाइट ब्लड सर्वे के दौरान रक्त नमूनों की जांच से माइक्रोफाइलेरिया की मौजूदगी और संक्रमण के प्रसार की स्थिति का आकलन किया जाता है. इससे स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी की निगरानी और नियंत्रण की योजना बनाने में सहायता मिलती है.

15 अक्टूबर तक पूरा करना है सर्वे

स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार भोजपुर जिले में नाइट ब्लड सर्वे की गतिविधियां 15 अक्टूबर तक पूरी करनी हैं. चयनित साइट पर निर्धारित समय में रक्त नमूने एकत्र कर उनकी माइक्रोस्कोपी जांच की जाएगी. इसके बाद प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आगामी सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के लिए आवश्यक तैयारी की जाएगी.

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By नरेद्र प्रसाद सिंह

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