आरा .जहां तालाबों में प्रकृति का होना चाहिए पोषण, वहां आवास बनाये जा रहे हैं. नगर का महत्वपूर्ण तालाब बिंद टोली में स्थित है. यह मिटने के कगार पर है. तालाब का क्षेत्रफल कुल 9 एकड़ से अधिक में फैला हुआ था.अब लगभग 3 एकड़ में ही इसका अस्तित्व बच गया है.तालाब को चारों तरफ से लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है. तालाब को बचाने का कोई प्रयास प्रशासन द्वारा नहीं किया जा रहा है. कभी भी अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई है.इस कारण यह महत्वपूर्ण तालाब अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है. इस तालाब में जिलाधिकारी के कर्मी द्वारा भी अतिक्रमण कर भवन बनाया गया है. जब जिलाधिकारी के कर्मी द्वारा ही अतिक्रमण कर भवन बना लिया गया है तो अन्य लोगों की बात क्या की जाये. अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलानेवाले ही अतिक्रमणकारियों बन गए हैं. पूरी तरह इसकी जानकारी होने के बाद भी वर्तमान सहित अन्य किसी भी जिलाधिकारी द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. ऐसे में प्रशासन दूसरे अतिक्रमणकारियों पर कैसे कार्रवाई कर सकता है.यह काफी गंभीर विषय है. इसके साथ कई बड़े लोगों ने भी अतिक्रमण किया है. आरा से नरेंद्र सिंह की रिपोर्ट
तालाब पर अतिक्रमण कर बनाये जा रहे मकान, प्रशासन सुस्त
तालाब पर अतिक्रमण कर मकान बनाने से पानी की हो रही है किल्लत
