Arrah News: भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड मुख्यालय परिसर में बाढ़ प्रभावित पंचायतों में समुचित राहत सामग्री वितरण और सामुदायिक रसोई शुरू करने की मांग को लेकर मुखिया संघ ने रविवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. संघ के प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर पूर्व में हुई वार्ता के बाद अपने निर्णय से मुकरने का गंभीर आरोप लगाया है. अनशन स्थल पर बैठे मुखिया संघ के सदस्यों से स्थानीय विधान पार्षद (एमएलसी) सह पावर स्टार पवन सिंह ने वीडियो कॉल के जरिए संपर्क साधा. उन्होंने आंदोलनरत प्रतिनिधियों का हाल-चाल जाना और उनकी मांगों को जायज ठहराते हुए हरसंभव प्रशासनिक व व्यक्तिगत सहयोग का पूरा आश्वासन दिया.
प्रशासनिक वार्ता के बाद निर्णय बदलने का आरोप
मुखिया संघ के अनुसार, बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार की शाम पांच बजे से शनिवार शाम पांच बजे तक प्रखंड मुख्यालय पर 24 घंटे का धरना दिया गया था. इस दौरान एसडीएम, एडीएम, डीसीएलआर, बीडीओ और सीओ की मौजूदगी में संघ के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत वार्ता हुई थी. संघ का दावा है कि अधिकारियों ने वार्ता के दौरान प्रभावित इलाकों के लिए 16,800 पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने तथा बाढ़ राहत सूची में छूटे हुए जरूरतमंद परिवारों के नाम तुरंत जोड़ने का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया था. इसके बाद मुखिया अपने-अपने क्षेत्रों में वितरण की तैयारी करने चले गए, लेकिन शनिवार देर रात सोशल मीडिया के माध्यम से निर्णय बदलने की जानकारी मिलने पर प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने भूख हड़ताल का रास्ता चुना.
पॉलीथिन शीट वितरण को लेकर प्रखंड मुख्यालय पर हंगामा, पुलिस बल तैनात
रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब प्रखंड मुख्यालय से पॉलीथिन शीट को पिकअप वाहन के जरिए अन्यत्र भेजने का प्रयास किया गया. मुखिया संघ के अध्यक्ष रितेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों और तय सहमति को दरकिनार कर मनमाने तरीके से वितरण कराया जा रहा था, जिसके विरोध में कुछ लोग वाहन के आगे धरने पर बैठ गए. इसके बाद अंचलाधिकारी द्वारा मौके पर मौजूद 20-25 लोगों की कतार लगवाई गई, लेकिन जैसे ही खबर फैली, सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष बाढ़ पीड़ित प्रखंड कार्यालय पहुंच गए. अनियंत्रित भीड़ के कारण वितरण रोकना पड़ा और नाराज ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया. बिगड़ते हालात को नियंत्रित करने के लिए बड़हरा थाना पुलिस के अलावा अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा.
सभी 14 प्रभावित पंचायतों में सामुदायिक किचन और नाव-डीजल की मांग
मुखिया संघ ने प्रखंड की सभी 14 बाढ़ प्रभावित पंचायतों में तत्काल प्रभाव से सामुदायिक किचन (कम्युनिटी किचन) शुरू करने की मांग रखी है. संघ का कहना है कि सीमित केंद्रों के संचालन से हजारों जरूरतमंदों तक भोजन नहीं पहुंच पा रहा है. गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद दर्जनों गांवों में अब भी जलजमाव बना हुआ है और लोग तटबंधों व ऊंचे स्थानों पर रहने को विवश हैं. खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो चुकी हैं. संघ ने आरोप लगाया कि पंचायतों में नाव और डीजल की व्यवस्था मुखिया अपने निजी स्तर से कर रहे हैं, जबकि नाविकों के भुगतान में भारी अड़चनें आ रही हैं. संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक मांगों पर ठोस आदेश जारी नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर वे उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे. मामले पर पक्ष जानने के लिए अंचलाधिकारी अंशु प्रसून से फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
