आरा: धरहरा में हुए चंदन यादव हत्याकांड में फरार चल रहे नाबालिग ने टाउन थाने में किया सरेंडर; पुलिस दबिश के आगे तोड़ा दम

आरा के बहुचर्चित चंदन यादव हत्याकांड का एक नाबालिग आरोपी पुलिस की लगातार दबिश के आगे आखिरकार टूट गया. डर के मारे उसने शनिवार को टाउन थाने में आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस अब उससे हथियार और साजिश के बारे में पूछताछ कर रही है.

Arrah News: भोजपुर जिले के आरा शहर में बहुचर्चित चंदन यादव हत्याकांड में लगातार फरार चल रहे एक नाबालिग आरोपी ने अंततः पुलिस के बढ़ते दबाव के आगे घुटने टेक दिए. पुलिस की लगातार दबिश और संभावित कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के खौफ से आरोपी किशोर ने शनिवार को आरा टाउन थाने में पहुंचकर अधिकारियों के समक्ष विधिवत आत्मसमर्पण कर दिया. आत्मसमर्पण करने वाला नाबालिग मूल रूप से जिले के चांदी थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है. पुलिस उसे हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) के समक्ष प्रस्तुत करने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है.

25 जून की रात धरहरा मुसहर टोली के समीप हुई थी वारदात

घटना के संबंध में बताया जाता है कि बीते 25 जून की रात टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत धरहरा मुसहर टोली के निकट अपराधियों ने घेरकर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी. मृतक की पहचान नवादा थाना क्षेत्र के श्री टोला (वर्तमान पता धरहरा मुसहर टोली, टाउन थाना) निवासी विजय यादव के पुत्र चंदन यादव के रूप में हुई थी. अचानक हुई इस अंधाधुंध फायरिंग से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और गोली लगने से चंदन यादव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी.

मुख्य अभियुक्त धीरज मिश्रा समेत दो पहले ही जा चुके हैं जेल

वारदात के बाद मृतक के पिता विजय यादव के बयान पर टाउन थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इसमें करनामेपुर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव (वर्तमान पता करमन टोला, नवादा थाना) निवासी धीरज मिश्रा उर्फ राकेश मिश्रा सहित अन्य अज्ञात बदमाशों को अभियुक्त बनाया गया था. घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छापेमारी की थी और मुख्य आरोपी धीरज मिश्रा उर्फ राकेश मिश्रा तथा उसके सहयोगी ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था.

तकनीकी अनुसंधान में सामने आया था नाम, लगातार चल रहा था फरार

कांड के अनुसंधान और गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान इस नाबालिग किशोर की संलिप्तता का ठोस खुलासा हुआ था. घटना की रात से ही वह अपने संभावित ठिकानों से लगातार फरार चल रहा था. पुलिस द्वारा उसके पैतृक गांव चांदी और अन्य रिश्तेदारों के घरों पर लगातार दी जा रही दबिश के कारण उसके पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा था, जिसके बाद उसने थाने में आकर सरेंडर कर दिया. पुलिस अधिकारी अब उससे वारदात में इस्तेमाल हथियार और षड्यंत्र के अन्य पहलुओं पर पूछताछ कर रहे हैं.

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By मोहम्मद वसीम

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