Arrah Encroachment Removal Drive : आरा के गड़हनी प्रखंड के काउप पंचायत स्थित मथुरापुर गांव में शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की. इस दौरान करीब 11 पक्के मकानों को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया. कार्रवाई के दौरान घरों में मौजूद महिलाएं और बच्चे रोते रहे. प्रभावित परिवारों ने बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने की परेशानी बताई, जबकि प्रशासन ने इसे लंबे समय से लंबित अतिक्रमण हटाने का आदेश बताया.
मथुरापुर गांव में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
गड़हनी प्रखंड के काउप पंचायत स्थित मथुरापुर गांव में शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की. वाद संख्या 2/24-25 के तहत यह कार्रवाई की गई. गड़हनी सीओ दीपा कुमारी, मजिस्ट्रेट वरुण कुमार दुबे और अखिलेश कुमार की देखरेख में पुलिस बल की मौजूदगी में अनावाद सर्वसाधारण जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया.
करीब 11 पक्के मकानों पर चला बुलडोजर
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान करीब 11 पक्के मकानों को हटाया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, इनमें से कई मकान करीब 10 साल से अधिक समय से बने हुए थे. कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों में मायूसी और नाराजगी देखने को मिली.
लोक शिकायत के आवेदन के बाद हुई कार्रवाई
बताया गया कि गांव के ही राकेश कुमार सिंह की ओर से लोक शिकायत में आवेदन दिया गया था. इसी आवेदन के आलोक में अतिक्रमण से संबंधित कार्रवाई आगे बढ़ी. प्रशासन ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की.
घर टूटने के बाद खुले आसमान के नीचे परिवार
कार्रवाई से प्रभावित मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि उनके घर में छोटे बच्चे और महिलाएं हैं. मकान टूटने के बाद परिवार के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है. उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में बच्चों और महिलाओं को लेकर अब कहां जाएं, यह समझ नहीं आ रहा है.
पीड़ित ने सीओ से लगाई थी गुहार
मुकेश कुमार सिंह के अनुसार, उन्होंने मकान नहीं तोड़े जाने को लेकर सीओ से भी गुहार लगाई थी. उनका आरोप है कि उनकी बात नहीं सुनी गई. कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है.
मुखिया ने भी मांगी थी मोहलत
पंचायत की मुखिया मनीषा देवी ने भी प्रशासन से मकान नहीं तोड़ने और प्रभावित परिवारों को कुछ और समय देने का अनुरोध किया था. हालांकि, प्रशासन की ओर से कार्रवाई रोकने की अनुमति नहीं दी गई और निर्धारित आदेश के तहत अतिक्रमण हटाया गया.
सीओ बोलीं- 18 महीने से कार्रवाई का आदेश लंबित था
गड़हनी सीओ दीपा कुमारी ने बताया कि मकान हटाने का आदेश एसडीओ की ओर से करीब 18 महीने पहले आया था. उनके अनुसार, प्रभावित लोगों की ओर से शादी का हवाला देकर कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई गई थी, जिसके कारण इसे अब तक रोका गया था. सीओ ने कहा कि आदेश को अनिश्चित समय तक रोका नहीं जा सकता था, इसलिए शुक्रवार को कार्रवाई की गई.
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटाया गया अतिक्रमण
अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था. मौके पर अमीन शंशाक कुमार, शंकर दयाल, अंचल कर्मी रंजीत कुमार और अमित कुमार समेत कई कर्मी और सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे.
इन लोगों के मकान भी कार्रवाई की जद में आए
प्रशासनिक कार्रवाई में रजिंद्र सिंह, कमलेश सिंह, विजय सिंह, सिमरु सिंह, लालबिहारी, जनेश्वर सिंह, सुरेश सिंह, मुखराम सिंह और मुकेश सिंह समेत अन्य लोगों के मकान हटाए जाने की बात सामने आई है. स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई के बाद कई परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है.
महिलाएं और बच्चे रोते रहे, चलता रहा बुलडोजर
अतिक्रमण हटाने के दौरान मौके पर मौजूद महिलाएं और बच्चे रोते नजर आए. प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से कार्रवाई रोकने की अपील की, लेकिन प्रशासनिक आदेश के तहत कार्रवाई जारी रही. मकान टूटने के बाद प्रभावित लोगों में काफी मायूसी और आक्रोश है.
ग्रामीणों ने बताई आपसी विवाद की वजह
ग्रामीणों का कहना है कि दो लोगों के बीच चल रहे विवाद का असर कई परिवारों पर पड़ा है. उनका आरोप है कि आपसी लड़ाई के कारण कई लोगों के मकान टूट गए. हालांकि, प्रशासन ने कार्रवाई को अतिक्रमण हटाने से जुड़ा मामला बताया है और इसे पूर्व में जारी आदेश के तहत किया गया है.
Also Read : आरा : शाहपुर बस स्टैंड से 14 वर्षीय छात्र लापता, कोचिंग जाते समय अचानक हुआ गायब, पुलिस जांच में जुटी
