भोजपुर में मंचूरियन खाने के बाद बिगड़ी चार की तबीयत, बच्ची ने तोड़ा दम, दादी समेत दो भाई बीमार

हसन बाजार गांव में मंचूरियन खाने के बाद दादी-पोती समेत चार लोगों की तबीयत बिगड़ी. गंभीर हालत में 7 वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई. दादी और दो भाई अभी भी इलाजरत हैं.

Food poisoning death: हसन बाजार थाना क्षेत्र के हसन बाजार गांव में गुरुवार की रात मंचूरियन खाने के बाद दादी-पोती समेत चार लोगों की तबीयत बिगड़ गयी. गंभीर हालत में 7 वर्षीय बच्ची काव्या कुमारी को इलाज के लिए रोहतास जिले के बिक्रमगंज स्थित निजी अस्पताल ले जाया जा रहा था, इसी दौरान उसकी मौत हो गयी. वहीं बीमार लोगों में बच्ची की 70 वर्षीय दादी चंद्रावती कुंवर का इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है. उसके दो भाइयों का इलाज परिजन निजी अस्पताल में करा रहे हैं.

खाने के कुछ देर बाद होने लगी पेट दर्द और दस्त की शिकायत

जानकारी के अनुसार, मृत बच्ची हसन बाजार थाना क्षेत्र के हसन बाजार गांव निवासी कुंदन कुमार गुप्ता की 7 वर्षीया पुत्री काव्या कुमारी थी. बीमार लोगों में उसके 13 वर्षीय भाई बिट्टू कुमार, 9 वर्षीय भाई रोहित कुमार और 70 वर्षीय दादी चंद्रावती कुंवर शामिल हैं.

चंद्रावती कुंवर ने बताया कि रिश्ते में लगने वाला उनका भांजा गांव के बाजार से मंचूरियन खरीदकर घर लेकर आया था. इसे परिवार के लोगों ने खाया. कुछ देर बाद सभी को दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी. इसी दौरान काव्या की हालत अचानक गंभीर हो गयी.

बिक्रमगंज ले जाने के दौरान बच्ची ने दम तोड़ा

काव्या की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे इलाज के लिए रोहतास के बिक्रमगंज स्थित निजी अस्पताल ले जा रहे थे. अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया. वहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

वहीं गंभीर रूप से बीमार उसकी दादी चंद्रावती कुंवर को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया. काव्या के दोनों भाई बिट्टू कुमार और रोहित कुमार का इलाज परिजन अपने स्तर से निजी अस्पताल में करा रहे हैं.

पुलिस ने कहा- जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

हसन बाजार थानाध्यक्ष जयराम शुक्ला ने बताया कि मंचूरियन खाने के बाद बच्ची की मौत होने और उसकी दादी व दो भाइयों के बीमार होने की बात सामने आयी है. हालांकि, मामले की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

माता-पिता लुधियाना में करते हैं काम

बताया जाता है कि काव्या अपने दो भाइयों और एक बहन में छोटी थी और माता-पिता की इकलौती लाडली थी. उसके माता-पिता पंजाब के लुधियाना में रहकर एक निजी कंपनी में काम करते हैं. काव्या अपने एक भाई के साथ दादी के पास रहती थी.

उसके परिवार में मां सुमन देवी और दो भाई बिट्टू कुमार एवं रोहित कुमार हैं. घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है. बच्ची की मां सुमन देवी समेत परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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By मोहम्मद वसीम

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