Arrah News: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में बाढ़ के पानी ने एक और जान ले ली, लेकिन इस घटना के पीछे एक युवक के अदम्य साहस और आत्मबलिदान की दर्दनाक दास्तान सामने आई है. रविवार की सुबह शाहपुर-सरना मुख्य मार्ग पर स्थित मिश्रण कुंड के पास बाढ़ के गहरे पानी में डूबने से 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई. मृतक की पहचान मूल रूप से शाहपुर नगर के वार्ड नंबर 3 निवासी रामाकांत शर्मा के पुत्र मिथुन शर्मा के रूप में हुई है. मिथुन पेशे से श्रमिक था और वर्तमान में पिछले कई वर्षों से कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के सरैया गांव में अपना निजी मकान बनाकर सपरिवार रह रहा था.
डूब रहे ग्रामीण को सुरक्षित निकाला, खुद गहरे पानी में फंसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाढ़ के पानी के पास मौजूद उनके गांव का ही निवासी पुकी महतो अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के बीच डूबने लगा. पुकी महतो को जिंदगी और मौत से जूझता देख किनारे पर खड़े मिथुन शर्मा ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी. मिथुन ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए संघर्ष किया और डूब रहे पुकी महतो को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाकर उसकी जान बचा ली. हालांकि, इस भीषण संघर्ष के दौरान मिथुन खुद गहरे गड्ढे और तेज धारा के भंवर में फंस गया तथा बाहर नहीं निकल सका.
मदद की गुहार लगाता रहा मिथुन, बेबस खड़े रहे तमाशबीन
पानी के तेज बहाव में फंसने के बाद मिथुन ने किनारे खड़े लोगों से बचाने की गुहार लगाई और हाथ हिलाकर मदद मांगी. दुर्भाग्यवश, मौके पर मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों में से किसी को भी तैरना नहीं आता था, जिसके कारण कोई भी पानी में उतरने का साहस नहीं जुटा सका. प्रत्यक्षदर्शी बेबसी के आलम में किनारे खड़े रहे और देखते ही देखते मिथुन गहरे पानी में समा गया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई. स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला. इसके बाद शाहपुर थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मृतक मिथुन अपने चार भाइयों में तीसरे स्थान पर था. वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. उसके परिवार में वृद्ध मां यशोदा देवी, पत्नी खुशबू कुमारी, दो छोटे बेटे आर्यन व चुनमुन और एक बेटी अंजली है. घटना की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया. पति के असामयिक निधन से पत्नी खुशबू कुमारी बार-बार बेहोश हो रही हैं, वहीं मां यशोदा देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव के लोगों का कहना है कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले मिथुन के परिवार को प्रशासन की ओर से आपदा राहत के तहत तत्काल चार लाख रुपये का मुआवजा और आश्रितों को उचित आर्थिक संबल मिलना चाहिए.
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