Arrah News : भोजपुर जिले के आरा शहर के के ऐतिहासिक श्री हनुमान मंदिर, बड़ी मठिया मंदिर परिसर में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई. पूज्य जीयर स्वामी जी महाराज के प्रधान शिष्य पूज्य अयोध्यानाथ स्वामी जी महाराज की अध्यक्षता एवं देखरेख में आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और शहर के गणमान्य लोगों ने भाग लिया. मंदिर परिसर में भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रथयात्रा निकाली गई.
श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया. इस दौरान पूरे परिसर में 'जय जगन्नाथ' के जयघोष और भक्ति गीतों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.
रथ पर विराजमान भगवान के दर्शन मात्र से मिलती है मुक्ति
इस पावन अवसर पर पूज्य अयोध्यानाथ स्वामी जी महाराज ने रथयात्रा के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि शास्त्रों में वर्णित है— "रथे तु वामनं दृष्ट्वा पुनर्जन्म न विद्यते" अर्थात रथ पर विराजमान भगवान के दर्शन मात्र से ही मनुष्य जन्म-मरण के सांसारिक बंधन से मुक्त हो जाता है.
उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि रथयात्रा सामाजिक समानता और समरसता का भी एक महान संदेश देती है, क्योंकि इस पावन दिन भगवान स्वयं मंदिर के गर्भगृह से बाहर आकर सभी भक्तों को बिना किसी भेदभाव के दर्शन देते हैं.
बहन सुभद्रा की इच्छा पूरी करने के लिए की थी यात्रा
उन्होंने रथयात्रा की पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि बहन सुभद्रा की नगर भ्रमण की इच्छा पूरी करने के लिए ही भगवान जगन्नाथ और भाई बलभद्र उन्हें सुंदर रथ पर बैठाकर निकले थे. तभी से इस पावन रथयात्रा की दिव्य परंपरा आदि काल से निरंतर चली आ रही है.
रथयात्रा के संपन्न होने के उपरांत मंदिर परिसर में विशेष पूजा, महाआरती एवं भव्य महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया. यह पूरा आयोजन अत्यंत शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ.
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