Bhojpur News : भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड की चंदा और दौलतपुर पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं विभागों से संबंधित समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने आवेदन जमा किए.
दोनों पंचायतों में आयोजित शिविर में कुल 85 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें चंदा पंचायत से 40 और दौलतपुर पंचायत से 45 आवेदन शामिल हैं. इस दौरान दौलतपुर में सहयोग शिविर प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी नवीन कुमार मौजूद रहे, जबकि चंदा में सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा अंजना मौजूद रहीं.
पीएचईडी विभाग से संबंधित सर्वाधिक 10 आवेदन
शिविर के दौरान सबसे अधिक आवेदन लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचइडी) से संबंधित प्राप्त हुए. पीएचइडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर कुल 10 आवेदन ग्रामीणों ने जमा किए.
इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा, राजस्व सहित अन्य विभागों से संबंधित मामलों को लेकर भी लोगों ने आवेदन दिया. ग्रामीणों ने अपनी-अपनी समस्याओं को अधिकारियों और संबंधित कर्मियों के समक्ष रखा तथा उसके समाधान की मांग की.
एक ही स्थान पर मिली समस्याओं की जानकारी
शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़ी योजनाओं और सुविधाओं के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई. अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुनते हुए संबंधित विभागों के माध्यम से मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया की जानकारी दी.
इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक ही स्थान पर आवेदन देने और संबंधित विभाग तक अपनी बात पहुंचाने की सुविधा मिली.
स्थानीय स्तर पर समाधान से मिली राहत
बीडीओ वीरबहादुर पाठक ने बताया कि सहयोग शिविर का उद्देश्य पंचायत स्तर पर ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना और उनका नियमानुसार समाधान कराना है. शिविर में प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजकर उसके निष्पादन की कार्रवाई की जायेगी.
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर इस तरह के शिविर आयोजित होने से ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाने से राहत मिलती है और उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान कराने में सहूलियत होती है.
विभागवार समस्याओं के समाधान पर जोर
शिविर में प्राप्त आवेदनों में पेयजल एवं पीएचइडी से जुड़ी समस्याओं के अलावा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, राजस्व संबंधी मामले तथा अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं.
अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया. प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से अपील की गयी कि वे अपनी समस्याओं को लेकर ऐसे शिविरों में आवेदन दें, ताकि संबंधित विभाग के माध्यम से उसके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके.
