भोजपुर जिले के कोईलवर से दीपक गुप्ता की रिपोर्ट
Koilwar Manorama Singh: भोजपुर जिले के कोईलवर की बहू एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अधिकारी मनोरमा सिंह को डिप्टी कमांडेंट के पद पर पदोन्नति मिली है. गुरुवार को उन्हें अन्य अधिकारियों के साथ आधिकारिक तौर पर पदोन्नत किया गया. मनोरमा सिंह ने वर्ष 2003 में सब इंस्पेक्टर के पद पर सीआरपीएफ की कठिन सेवा ज्वाइन की थी. दो दशक से अधिक के अपने लंबे व गौरवशाली सेवाकाल में उन्होंने एसपीजी (SPG), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), नक्सल विरोधी एवं आतंकवाद विरोधी अभियानों में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों समेत देश के कई अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी उन्होंने बहादुरी से अपनी सेवाएं दी हैं.
संवेदनशील मोर्चों पर निभाई अहम जिम्मेदारी
अपने शानदार करियर के दौरान मनोरमा सिंह ने मणिपुर हिंसा, श्रीनगर के अंदरूनी मोर्चे, अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था, दिल्ली के ऐतिहासिक किसान आंदोलन तथा दिल्ली दंगों के दौरान भी अग्रिम पंक्ति में रहकर अहम जिम्मेदारियां निभायी हैं. वर्ष 2025 में आयोजित महाकुंभ के सफल संचालन में उल्लेखनीय और अनुकरणीय योगदान के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के हाथों प्रतिष्ठित कॉमेंडेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा उनकी उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए बल द्वारा उन्हें डीजी डिस्क सहित कई अन्य आंतरिक सम्मान भी पहले मिल चुके हैं.
पति भी सीआरपीएफ में हैं डिप्टी कमांडेंट
मनोरमा सिंह मूल रूप से नगर पंचायत कोईलवर के वार्ड संख्या तीन निवासी मनोरंजन कुमार की धर्मपत्नी हैं. एक विशेष संयोग यह भी है कि उनके पति मनोरंजन कुमार खुद भी सीआरपीएफ में ही डिप्टी कमांडेंट के पद पर देश की सेवा में कार्यरत हैं और वर्तमान में वह भी मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में ही पदस्थापित हैं. पदोन्नति मिलने के बाद 148वीं बटालियन के कमांडेंट विक्रांत सारंगपाणी एवं उनके पति मनोरंजन कुमार ने संयुक्त रूप से अत्यंत गौरव के साथ मनोरमा सिंह के कंधे पर डिप्टी कमांडेंट का प्रतिष्ठित बैज लगाकर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.
सफलता की खबर से कोईलवर में जश्न
जैसे ही मनोरमा सिंह को सीआरपीएफ में यह बड़ी पदोन्नति मिलने की खबर भोजपुर जिला स्थित उनके गृह नगर कोईलवर पहुंची, पूरे क्षेत्र के लोगों में खुशी की एक गहरी लहर दौड़ गयी. देश की सेवा में लगी बहू की इस बड़ी और ऐतिहासिक प्रशासनिक सफलता पर गौरवान्वित परिजनों, रिश्तेदारों, ग्रामीणों एवं उनके तमाम शुभचिंतकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई. सभी लोग लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उन्हें इस गौरवमयी उपलब्धि की बधाई दे रहे हैं और देश सेवा के मार्ग पर उनके और अधिक उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना कर रहे हैं.
