जी राम जी में काम मांगने पर नहीं मिले, तो स्वत: मिलेगी बेरोजगारी भत्ता : डीडीसी
वीबी-जी राम जी से संबंधित जानकारी डीडीसी ने प्रेस वार्ता कर दी
By DEVENDRA DUBEY | Updated at :
आरा.
उप विकास आयुक्त ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 से संबंधित प्रेस वार्ता की. जिसमें योजना से संबंधित विषय पर विस्तृत चर्चा कर कार्य योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि संसद द्वारा हाल ही में पारित किया गया “विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) अधिनियम देश के ग्रामीण परिवारों के लिए लाया गया है. इस नये अधिनियम में रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनकर दी गयी है. इस अधिनियम की कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं, जैसे बेरोजगारी भत्ता का अधिकार जिसके तहत पहले वाले अधिनियम, यानी महात्मा गांधी नरेगा में बेरोजगारी भत्ता का लाभ मिलना लगभग असंभव था. अब यदि काम मांगने पर कार्य न मिले, तो बेरोजगारी भत्ता स्वतः मिलेगा. इससे रोजगार का अधिकार अब वास्तव में कानूनी अधिकार बन गया है. समय पर मजदूरी भुगतान किया जायेगा. यदि मजदूरी में देरी होती है, तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ दिया जायेगा. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रमिकों को पूरा हक मिलेगा. ग्राम स्तर पर योजना निर्माण की स्वतंत्रता, अब कार्यों की योजना ग्राम सभा में ही तय की जायेगी. कोई काम ऊपर से थोपा नहीं जायेगा. ग्राम पंचायत अपनी विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसके लिए ग्रामीणों का सहयोग अनिवार्य होगा. इस योजना के तहत कार्य की चार प्रमुख श्रेणियां बनायी गयी हैं. जल सुरक्षा और संरक्षण कार्य, ग्रामीण अवसंरचना से जुड़े कार्य, आजीविका संवर्धन के कार्य और जलवायु परिवर्तन व प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्य. ये चारों क्षेत्र मिलकर विकास, सशक्तीकरण, कन्वर्जेंस और स्थायी आजीविका का आधार बनेंगे. विभागों का एकीकरण और पारदर्शिता रखा गया है. इस अधिनियम के तहत गांव के सभी कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर एकत्रित होंगे. इससे दोहराव बंद होगा, विभागों के बीच तालमेल बढ़ेगा और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी. इस अधिनियम में, कृषि मजदूरी समन्वय के लिए राज्य सरकार द्वारा बुआई एवं कटाई संबंधी मुख्य कृषि संबंधी गतिविधियों हेतु कुल मिलाकर 60 दिनों की अवधिनिर्धारित करने का प्रावधान है. इस दौरान इस अधिनियम के तहत कार्यों का क्रियान्वयन नहीं होगा, जिससे कृषि कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके. प्रशासनिक मद में राशि की वृद्धि नये अधिनियम में प्रशासनिक मद की सीमा 6% से बढ़ाकर 9% कर दी गयी है. इससे ग्राम रोजगार सहायकों, फील्ड एसिस्टेंट एवं तकनीकी सहायकों की सेवाएं सुरक्षित रह सकेंगी और उनका क्षमता-विकास होगा, जिससे योजना का संचालन और सुगम होगा. मनरेगा के तहत जो काम अभी चल रहे हैं, वो बिल्कुल सुरक्षित हैं. कोई भी काम रुकेगा नहीं. गांव का विकास और तेजी से आगे बढ़ेगा. विकसित भारत-जी राम जी कानून पूरी तरह लागू होने पर आपको न केवल 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, बल्कि अधिनियम के लागू होने पर नयी बढ़ी हुई मजदूरी दरों का भी लाभ प्राप्त होगा.