Ara News : बड़हरा के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

बड़हरा प्रखंड क्षेत्र में गंगा नदी के जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि से आमजन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. बीते 24 घंटे में नदी में 27 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है.

बड़हरा. प्रखंड क्षेत्र में गंगा नदी के जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि से आमजन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. बीते 24 घंटे में नदी में 27 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. मंगलवार सुबह 6 बजे जलस्तर जहां 54.03 मीटर था, वहीं बुधवार सुबह यह बढ़कर 54.30 मीटर हो गया. नदी अब भी प्रति घंटे 1.25 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही है. तेजी से बढ़ते जल स्तर के कारण नेकनाम टोला, करजा, बखोरापुर, एकौना, सिरिसियां, महुदही, खवासपुर, शिवपुर व गजियापुर सहित कई गांवों के घरों और स्कूलों में पानी घुस गया है. इससे ग्रामीणों को आने-जाने और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में दिक्कतें हो रही हैं. पशुओं के चारे की व्यवस्था में भी ग्रामीणों को मशक्कत करनी पड़ रही है. यदि जल स्तर यूं ही अगले दो-चार दिनों तक बढ़ता रहा, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं. फिलहाल प्रखंड प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं. 24 नावें प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी हैं. इनमें नेकनाम टोला के लिए आठ, बखोरापुर के लिए दो, सोहरा के लिए चार और गंगा पार खवासपुर पंचायत के लिए 10 नावें शामिल हैं. एसडीआरएफ अलर्ट मोड में है और प्रशासन पंचायत प्रतिनिधियों के लगातार संपर्क में रहकर राहत-बचाव कार्यों को गति दे रहा है. चारों ओर पानी फैलने से समुद्र जैसा दृश्य उत्पन्न हो गया है.

समाजसेवी अजय सिंह की टीम ने शुरू किया राहत अभियान

बड़हरा. प्रखंड के बाढ़ग्रस्त गांवों बखोरापुर, नेकनामटोला, महुदही और सबलपुर में बुधवार को समाजसेवी अजय कुमार सिंह की टीम ने व्यापक राहत कार्यों को अंजाम दिया. यह राहत अभियान मंगलवार से शुरू हुआ था और आज दूसरे दिन जमीनी स्तर पर इसकी तेज रफ्तार देखने को मिली. इन गांवों का ज़मीन से संपर्क लगभग टूट चुका है, लेकिन अजय सिंह की पहल पर एक नाव सेवा शुरू की गयी है, जिससे ग्रामीणों को राहत शिविर तक पहुंचना संभव हो पाया है. केशोपुर बांध पर एक राहत शिविर लगाया गया, जहां सैकड़ों लोगों को गर्म भोजन परोसा गया. जरूरतमंदों के बीच सूखा राशन और तिरपाल का वितरण भी किया गया. पूर्व से ही अजय सिंह द्वारा केशोपुर गांव में एक स्थायी एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके. स्थानीय लोगों ने कहा, यह पहला राहत कैंप है जो समय पर पहुंचा है. अजय जी हर साल बाढ़ में हमारी मदद करते हैं और इस बार भी उन्होंने उम्मीद से बढ़कर साथ दिया है. अजय सिंह ने कहा, जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, मेरी टीम जमीन पर डटी रहेगी. किसी को भी आवश्यकता हो तो बेहिचक संपर्क करें.

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