बाढ़ ने बढ़ाई मुश्किलें: आरा-बक्सर सड़क पर चढ़ा पानी, दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूटा

जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. आरा के पास मुख्य मार्ग जलमग्न होने से दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है. लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

Arrah News: भोजपुर जिले में नदियों के उफान के साथ बाढ़ की विभीषिका लगातार गंभीर रूप धारण करती जा रही है. जिले के चार प्रखंडों में तबाही मचाने के बाद बाढ़ का पानी अब जिला मुख्यालय आरा के नजदीकी पहुंच मार्गों तक फैल गया है. मुख्य सड़क पर कई फीट पानी बहने के कारण आरा जिला मुख्यालय से दो दर्जन से अधिक गांवों का सीधा सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है. सड़क संपर्क भंग होने से हजारों ग्रामीणों, दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों के समक्ष आवागमन का भारी संकट उत्पन्न हो गया है.

चंदवा मोड़-बक्सर सड़क बंद, बड़कागांव के पास तेज बहाव

आरा शहर के चंदवा मोड़ से बक्सर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित बड़कागांव के पास बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर तेजी से बह रहा है. सड़क पर पानी का दबाव अधिक होने के कारण प्रशासनिक व सुरक्षा दृष्टिकोण से इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप कर दिया गया है. यह सड़क क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाती है, जिसके जरिए प्रतिदिन हजारों लोग बिहिया, जगदीशपुर, कारीसाथ, बामपली, गजराजगंज के रास्ते ब्रह्मपुर, बक्सर और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बलिया तक का सफर तय करते हैं. मुख्य मार्ग होने के कारण इस पर रोज छोटे-बड़े हजारों वाहनों की आवाजाही रहती थी, जो अब पूरी तरह बंद है.

दो दर्जन गांवों के लोग परेशान, आरा-बक्सर फोरलेन से लंबा फेरा

सड़क पर पानी फिरने से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों, चिकित्सीय आपात स्थिति और आवश्यक कार्यों के लिए जिला मुख्यालय आरा पहुंचने में भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है. ग्रामीणों को मजबूरी में अपना रास्ता बदलकर आरा-बक्सर फोरलेन (NH-922) का सहारा लेना पड़ रहा है. फोरलेन से होकर आने-जाने के कारण लोगों को न केवल कई किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, बल्कि सफर में समय भी दोगुना लग रहा है और ऑटो व निजी वाहनों का अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है.

दैनिक दिनचर्या और व्यापारिक गतिविधियां ठप

सड़क संपर्क कट जाने से दूध, हरी सब्जियां और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति आरा शहर तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है. स्कूली बच्चों, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल नावों की व्यवस्था कराने और जलस्तर की निगरानी तेज करने की मांग की है.

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By नरेद्र प्रसाद सिंह

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