आरा-बैरिया फोरलेन बनने से 100 किमी की दूरी घटकर होगी 27 किमी, डीएम ने की समीक्षा बैठक

भोजपुर और बलिया के बीच की दूरी 100 किलोमीटर से घटकर सिर्फ 27 किलोमीटर रह जाएगी. बैरिया-आरा 4-लेन ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना पर परामर्श बैठक हुई. यह सड़क न केवल यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी.

भोजपुर डीएम तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में प्रस्तावित 27.062 किलोमीटर लंबी बैरिया–आरा 4-लेन ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग (स्पर) परियोजना के संबंध में हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई.

बैठक में एनएचएआई, पीआईयू, गाजीपुर द्वारा परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए परियोजना की रूपरेखा, वर्तमान प्रगति, भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता स्थानांतरण, वैधानिक स्वीकृतियों तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय से संबंधित विषयों की जानकारी दी गई.

इसके उपरांत जिला पदाधिकारी महोदय ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

जिलाधिकारी ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए विशेष रूप से आरा सदर एवं बड़हरा अंचल के अंतर्गत आने वाले संबंधित मौजों में लंबित भू-अर्जन मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा साथ ही सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए उपयोगिता स्थानांतरण एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया, ताकि परियोजना का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा के अनुरूप प्रारंभ किया जा सके.

सड़क और पुल निर्माण की मुख्य विशेषताएं

बैठक में बताया गया कि परियोजना के अंतर्गत एनएच-31 एवं एनएच-922 को जोड़ने वाली 27.062 किलोमीटर लंबी चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण किया जाएगा.

इसके साथ ही महुली घाट के समीप गंगा नदी पर लगभग 3.6 किलोमीटर लंबे प्रमुख पुल, एक इंटरचेंज, पाँच लघु पुल, दो वाहन अंडरपास, पाँच हल्के वाहन अंडरपास तथा सोलह छोटे वाहन अंडरपास का निर्माण भी प्रस्तावित है.

घटेगी दूरी और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गति

उन्होने कहा कि यह परियोजना भोजपुर जिले की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है. वर्तमान में भोजपुर, आरा से उत्तर प्रदेश के बलिया तक पहुंचने के लिए छपरा होते हुए 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है.

बैरिया–आरा फोरलेन एवं महुली घाट के समीप प्रस्तावित गंगा पुल के निर्माण के बाद यह दूरी घटकर लगभग 27 किलोमीटर रह जाएगी.

इससे बिहार एवं उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी, यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, यातायात अधिक सुगम होगा तथा व्यापार, परिवहन, निवेश एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. निर्माण अवधि के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा.

बैठक में उपस्थित अधिकारीगण

बैठक में उप विकास आयुक्त, भोजपुर, अपर समाहर्ता, भोजपुर, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर आरा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, उप समाहर्ता, भूमि सुधार, सदर आरा, अंचलाधिकारी, सदर एवं बड़हरा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, पीआईयू, गाजीपुर तथा रेलवे, दूरसंचार विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.

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By Narendra Prasad Sin

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