44वें श्रम कानून और मनरेगा को बहाल करने के लिए दिया धरना
पीरो प्रखंड कार्यालय के समक्ष अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के बैनर तले दिया गया धरना
पीरो.
44वें श्रम कानून तथा मनरेगा की पुनर्बहाली सहित कई अन्य मांगों को लेकर पीरो प्रखंड कार्यालय के समक्ष अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के बैनर तले एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया. संगठन के प्रखंड सचिव दिनेश्वर राम की अध्यक्षता में आयोजित इस धरना कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार द्वारा पारित श्रम कोड कानून वापस लेने, 44वें श्रम कानून को बहाल कर मजदूरों को बढ़ती महंगाई के अनुसार मजदूरी तय करने, विकसित भारत रोजगार गारंटी व आजीविका मिशन को वापस लेने तथा मनरेगा की पुनर्बहाली करने, न्यूनतम मजदूरी 600 रुपये करने, 200 दिन रोजगार की गांरटी सुनिश्चित करने, भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन देकर पक्का आवास बनाने, बुलडोजर अभियान पर तत्काल रोक लगाने,डाॅ डी बंदोपाध्याय आयोग की सिफारिश लागू करने की मांग पुरजोर तरीके से उठायी गयी. इस दौरान संगठन के नेताओं ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी, रोजगार का अभाव, जमीन, जंगल, खनिज व प्राकृतिक संसाधनों पर कार्पोरेट घरानों की बढ़ती दखलअंदाजी व सरकारी सरपरस्ती में पर्यावरण के खतरे ने देश के व्यापक जन को भयावह स्थिति में धकेल दिया है. देश में आर्थिक व सामाजिक खाई गहरी होती जा रही है. महज एक प्रतिशत पूंजीपति देश के 40 प्रतिशत संसाधनों पर कब्जा जमाये बैठे हैं. धरना कार्यक्रम में दुदुन सिंह, मुनीर आलम सहित कई अन्य लोग शामिल हुए.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
