भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच अंतिम दौर में, आयोग के सामने पुलिसकर्मियों की हो रही गवाही

Bharat Tiwari Encounter Inquiry Commission : आरा में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच कर रहे आयोग के समक्ष गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है. पीड़ित पक्ष के बाद अब पुलिस प्रशासन की गवाही हो रही है.

Bharat Tiwari Encounter Inquiry Commission : आरा में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच कर रहे आयोग के समक्ष गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गयी है. 11 जुलाई से शुरू हुई इस प्रक्रिया में पहले पीड़ित पक्ष के गवाहों के बयान लिए गए, जबकि अब पुलिस प्रशासन की ओर से गवाही दर्ज की जा रही है. शनिवार को शेष बचे पुलिसकर्मियों की गवाही होगी.

Arrah News : पुलिस अधिकारियों के दर्ज हो रहे हैं बयान

गुरुवार से पुलिस प्रशासन की ओर से गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई. सबसे पहले एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा और तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मलाकार ने आयोग के समक्ष अपना बयान दिया. इसके बाद एसटीएफ के एक अधिकारी का बयान भी दर्ज किया जा रहा है.

यह प्रक्रिया सुबह से कई घंटों तक चली, जिसमें प्रत्येक गवाह का पक्ष विस्तार से रिकॉर्ड किया गया. बीच में आयोग ने 15-20 मिनट का विश्राम भी लिया.

आयोग ने SDM का बयान लिया

इस मामले में शुक्रवार को जगदीशपुर के एसडीएम के अलावा चार पुलिस कर्मियों की गवाही हुई. इनमें भरत भूषण तिवारी की हत्या में आरोपित और एनकाउंटर में शामिल एसटीएफ जवान अक्षय कुमार के अलावा सिपाही मुन्ना कुमार, अभिषेक कुमार और जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ के अंगरक्षक संजय कुमार शामिल हैं. सभी ने न्यायिक आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया.

पीड़ित पक्ष ने लगाया है हत्या का आरोप

जानकारी के अनुसार, पीड़ित पक्ष के छह से सात प्रमुख गवाहों, जिनमें मृतक के परिजन और विस्थापित ग्रामीण शामिल हैं, ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा. उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति की हत्या की गई थी.

वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मृतक के पास अवैध हथियार था और आत्मरक्षा में कार्रवाई की गई थी. आयोग दोनों पक्षों के दावों की सत्यता की जांच के लिए साक्ष्यों का क्रमवार संकलन कर रहा है.

Bhojpur Encounter : जल्द आएगी अंतरिम रिपोर्ट

आयोग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अध्यक्ष न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की मंशा है कि दोनों पक्षों के प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद एक अंतरिम रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाए.

बताया गया कि पहले चरण में पीड़ित पक्ष की गवाही लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि पुलिस पक्ष के गवाहों की गवाही अगले एक-दो दिनों में पूरी होने की संभावना है. इसके बाद अंतरिम रिपोर्ट दाखिल की जाएगी.

छह माह में पूरी होगी जांच

आयोग के सचिव सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य सरकार ने जांच पूरी करने के लिए आयोग को छह माह का समय दिया है. इस दौरान सभी साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया जाएगा.

पारदर्शी तरीके से हो रही जांच

आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी जांच प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से की जा रही है. सभी गवाहों के बयान की वीडियोग्राफी कराई जा रही है और उनके कथनों को उसी रूप में दर्ज किया जा रहा है. साथ ही, जो लोग अब तक किसी कारण से उपस्थित नहीं हो सके हैं, उनके बयान दूसरे चरण में दर्ज किए जाएंगे. इसमें स्थानांतरित पुलिसकर्मी और अन्य अधिकारी भी शामिल हैं.

आयोग ने यह भी कहा है कि इच्छुक व्यक्ति शपथपत्र के माध्यम से अपना पक्ष रख सकते हैं. आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बुलाकर पूछताछ भी की जाएगी. आयोग का उद्देश्य सभी साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच पूरी करना है.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचा आन्दोलन

इधर न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्रांतिवीर भरत तिवारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले न्याय अधिकार सभा आयोजित की गई. आयोजकों के अनुसार, बिहार समेत कई राज्यों से लोग इसमें शामिल हुए. सभा में परिजनों, संत समाज और सामाजिक संगठनों ने आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई. इधर न्यायिक आयोग ने एसडीएम समेत चार पुलिस वालों का बयान दर्ज किया.


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लेखक के बारे में

Author: Md. Wasim

Published by: Ragini Sharma

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