गड्ढों में तब्दील हुईं शहर की सड़कें, लोगों को आवागमन में हो रही भारी परेशानी

केजी रोड और कृषि भवन से स्टेशन जानेवाली सड़क की हालत ज्यादा खराब

आरा.

नगर की कई सड़कें जर्जर हालत में पहुंच गयी हैं, जिससे इन सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है. इससे आरा नगर की पहचान अब गड्ढों वाली के तौर पर बनते जा रही है. केजी रोड से नहर विभाग, प्रखंड सह अंचल कार्यालय, कृषि भवन से स्टेशन की सड़क काफी दयनीय स्थिति में आ गयी है. इससे आवागमन में काफी असुविधा हो रही है. गाड़ियां हिचकोले खा रही हैं. पैदल चलनेवालों को भी परेशानी हो रही है. तस्वीरें सड़कों की सच्चाई को बयां कर रही हैं, पर अभी तक सड़कों की मरम्मत नहीं की गयी. जिला मुख्यालय की सड़कों की बदतर स्थिति को देखते हुए जिले की अन्य सड़कों के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता है. बता दें कि संबंधित विभाग के अनुसार सड़कों की मरम्मत को लेकर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं. फिर भी हालात बदतर हैं. पथ निर्माण विभाग के नियमानुसार सड़कों को प्रति वर्ष मरम्मत किया जाना चाहिए, ताकि सड़कें ठीक रहें और आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हो. कई सड़कों पर तो स्थिति काफी दयनीय है. कहीं छोटे गड्ढे तो कहीं बड़े गड्ढे सरकार की अच्छी सड़कों की दावे का पोल खोल रही हैं. सड़कों के निर्माण में नहीं किया जा रहा नियमों का पालन : सड़कों के निर्माण में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है. सड़कों की ढलाई करते समय या फिर पिच करते समय पानी निकासी का कोई प्रावधान नहीं किया जाता है. सड़कों के बीच में थोड़ी ऊंचाई कर किनारे पानी निकालने की व्यवस्था नहीं की जाती है. इतना ही नहीं सड़कों के किनारे बननेवाली नालियों का भी निर्माण नहीं किया जाता है.वही सड़कों के दोनों तरफ ईंट सोलिंग नियम अनुसार नहीं करने से सड़क जल्द ही टूट जाती हैं. ढलाई या पिच के समय विभाग का कोई भी इंजीनियर उपस्थित नहीं रहता है. मजदूर एवं मिस्त्री अपने मनोनकुल सड़कों का निर्माण कर देते हैं. इस कारण सड़कें कहीं ऊंची तो कहीं नीचा हो जाती हैं. सड़कें समतल नहीं हो पाती हैं. इससे भी लोगों को काफी परेशानी होती है. वाहन चालकों को भी काफी परेशानी होती है. बारिश में बाइक और साइकिल सवार गिरकर हो रहे जख्मी : सड़क पर बने गड्ढों में बारिश का पानी जमा हो गया है. ऐसे में इन सड़कों से सफर करनेवाले लोगों को गड्ढों का पता चल नहीं पाता और गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं. गिरनेवालों में सबसे ज्यादा बाइक और साइकिल सवार लोग शामिल होते हैं.

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