सोन नदी में नहाने गये तीन किशोर डूबे, दो के शव बरामद

अवैध खनन से बना गड्ढा बना काल, कोईलवर के हरिपुर घाट की घटना

कोईलवर.

कोईलवर थाना क्षेत्र के पुराना हरिपुर के समीप सोन नदी में नहाने गये एक ही गांव के तीन बच्चों की अवैध बालू खनन के लिए खोद कर छोड़े गये गड्ढे में डूबकर मौत हो गयी. घटना रविवार की दोपहर की है. घटना के बाद गांव में चीख पुकार मच गयी.

घटना के संबंध में जिसने सुना चीखते चिल्लाते घाट की ओर दौड़ा, तबतक काफी देर हो चुकी थी. डूबकर मरने वाले सभी किशोर हैं और एक ही गांव पुराना हरिपुर के रहने वाले हैं. मृतकों की पहचान कोईलवर थाना क्षेत्र के हरिपुर निवासी धीरज सिंह का 14 वर्षीय पुत्र आदर्श कुमार उर्फ लड्डू, संजीव कुमार सिंह का पुत्र 14 वर्षीय गौरव और शशि भूषण गुप्ता का 22 वर्षीय पुत्र विशाल के रूप में की गयी है.

छह दोस्त गये थे नहाने, तीन डूबेरविवार की सुबह पुराना हरिपुर के छह दोस्तो आदर्श, गौरव, विशाल, रौशन, आदित्य और प्रह्लाद ने सोन नदी में नहाने का प्लान बनाया और 12 बजे के करीब गांव से पूरब सोन नदी में नहाने पहुंच गये. नहाने के दौरान ही इन छह दोस्तो में से एक गौरव गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. गौरव को डूबता देख आदर्श ने उसे हाथ पकड़कर खींचना चाहा, लेकिन वह भी गड्ढे में फंस गया, जिसके बाद बाकी के दोस्तो ने उन दोनों को आगे बढ़कर खींचना चाहा. इसी खींचतान में विशाल भी डूबने लगा. अपने तीन साथियों को डूबता देख बाकी के तीन साथियों रौशन, आदित्य और प्रह्लाद ने शोर मचाया और गांववालों और घरवालों को सूचना दी. इधर गांव के तीन बच्चों के डूबने की सूचना जैसे ही गांववालों को मिली सभी भागे दौड़े सोन नदी की ओर दौड़े तबतक छह में से तीन बच्चे डूब चुके थे.तीन घंटे बाद पहुंची एसडीआरएफ की टीमइधर घटना की सूचना मिलते ही कोईलवर पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची तबतक गांव वाले स्थानीय गोताखोरों की सहायता से डूबे किशोरों की खोजबीन शुरू कर चुके थे. इधर घटनास्थल पर पहुंची कोईलवर पुलिस ने वरीय अधिकारियों को सूचना देते हुए डूबे बच्चों को निकालने के लिए एसडीआरएफ की मांग की, जिसके बाद घटना के तीन घंटे बाद साढ़े तीन बजे के करीब एसडीआरएफ घटनास्थल पर पहुंची और डूबे किशोरों की तलाश शुरू की. इधर इससे पहले ग्रामीणों ने घटना के एक घंटे बाद डूबे किशोर आदर्श को ढूंढ निकाला, तबतक आदर्श की मौत हो चुकी थी. इधर दूसरी ओर साढ़े तीन के करीब पहुंची एसडीआरएफ ने जब तलाशी अभियान शुरू की तो एक घंटे तक खोजबीन के बाद गौरव को मृत अवस्था में ढूंढ निकाला. इसके बाद बाकी बचे विशाल को ढूंढने के लिए देर शाम तक अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने तक सफलता नहीं मिली, जिसके बाद अंधेरे की वजह से अभियान को रोकना पड़ा.

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Author: DEVENDRA DUBEY

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