Bharat Tiwari Encounter : शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित फेक एनकाउंटर में हुई मौत के विरोध में जनसुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रविवार की शाम आरा शहर में कैंडल मार्च निकाला. मार्च में पार्टी कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की.
कैंडल मार्च जेपी स्मारक स्थल से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए नगर थाना गोलंबर के समीप सभा में परिवर्तित हो गया. इस दौरान लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर न्याय की मांग के समर्थन में नारेबाजी की.
सभा को संबोधित करते हुए जनसुराज की प्रदेश महिला उपाध्यक्ष शैलजा सिंह ने कहा कि संदिग्ध परिस्थितियों में होने वाली किसी भी मौत की निष्पक्ष जांच लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए.
लोगों ने निष्पक्ष जांच करने की मांग
प्रदेश ओबीसी उपाध्यक्ष चंद्रभानु गुप्ता ने कहा कि किसी व्यक्ति को अपराधी घोषित करने से पहले मामले के सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है. वहीं जिला महामंत्री कमलेश्वर मिश्र ने कहा कि जनसुराज पार्टी कानून के शासन और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
युवा नेता सोनू पासवान ने मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की. कार्यक्रम के दौरान दिवंगत भरत भूषण तिवारी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया.
वरिष्ठ नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रूपेन्द्र मिश्र ने बताया कि हाल ही में जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने बिलौटी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी. उन्होंने बताया कि पार्टी ने मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा भरत भूषण तिवारी के नाम पर स्मारक निर्माण की मांग की है.
कैंडल मार्च में जिला महिला अध्यक्ष सोनिया सिंह, युवा अध्यक्ष जुनैद अख्तर, किरण सिंह, धीरेन्द्र पाण्डेय, उपेन्द्र यादव, अरुण पंडित, शुभम सिंह, सुमन कुशवाहा, चंद्रपॉल यादव, बादल पासवान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए.
