आरा : इसे हालात का परिणाम कहें या फिर पालनेवाले की बेवफाई. जिस गाय से प्रतिदिन दूध निकालकर तथा उसे बेचकर जीवनयापन करते हैं, उसी गाय को घरों में खाना खिलाने की जगह जीवन यापन करनेवाले ने सड़कों पर बेसहारा भटकने को छोड़ दिया है. सड़कों पर फेंके गये गंदे भोजन खाने के लिए मजबूर कर दिया है. मजबूरी में सड़क पर पॉलीथिन में किसी के द्वारा फेंके गये खाना खाने को मजबूर है. इतना ही नहीं उसी पॉलीथिन में फेंके गये खाना को कुत्ता भी खा रहा है. उसके बाद गाय ने खाना शुरू कर दिया. इसे गाय पालनेवाले की कृतघ्नता के सिवाय और क्या कहा जा सकता है.
पॉलीथिन में सड़क पर फेंके गये भोजन खाने को मजबूर
आरा : इसे हालात का परिणाम कहें या फिर पालनेवाले की बेवफाई. जिस गाय से प्रतिदिन दूध निकालकर तथा उसे बेचकर जीवनयापन करते हैं, उसी गाय को घरों में खाना खिलाने की जगह जीवन यापन करनेवाले ने सड़कों पर बेसहारा भटकने को छोड़ दिया है. सड़कों पर फेंके गये गंदे भोजन खाने के लिए मजबूर […]
