Bihar News:(मिथिलेश कुमार) भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के मदई गांव में शुक्रवार देर शाम जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष में बदल गया. मामूली दिखने वाले इस विवाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया.
दोनों पक्षों से एक-एक की मौत
इस हिंसक झड़प में एक पक्ष के रामदेव सिंह के बड़े भाई राजनाथ सिंह (लगभग 55 वर्ष) की मौत हो गई. वहीं दूसरे पक्ष से जालंधर प्रसाद के परिवार के राधेश्याम प्रसाद (लगभग 32 वर्ष) ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. राधेश्याम बाहर निजी कंपनी में कार्यरत थे और उनकी शादी हो चुकी थी.
आधा दर्जन लोग घायल, इलाज जारी
घटना में महिलाओं समेत दोनों पक्षों के लगभग आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. सभी घायलों का इलाज आरा में चल रहा है. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है.
अस्पताल परिसर में भी भिड़े दोनों गुट
बताया जाता है कि घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को इलाज के लिए अस्पताल जाने की सलाह देकर लौट गई. इसके बाद बिना सुरक्षा के जब दोनों पक्ष अस्पताल पहुंचे, तो वहां माहौल और बिगड़ गया। अस्पताल परिसर में ही दोनों गुट फिर आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट हुई.
पुलिस और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और दोनों पक्षों को बिना सुरक्षा के अस्पताल भेज दिया, जिससे यह दोहरी मौत की घटना हुई. वहीं प्रशासन पर भी जमीन विवाद को समय पर न सुलझाने के आरोप लग रहे हैं.
सीसीटीवी फुटेज पर टिकी जांच
अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय सूत्रों के अनुसार कई कैमरे खराब पड़े थे. पुलिस अब जांच कर रही है कि घटना की रिकॉर्डिंग हुई है या नहीं.
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने अंचल प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भूमि विवाद का समाधान होता और पुलिस ने उचित सुरक्षा दी होती, तो इस तरह की दोहरी हत्या को टाला जा सकता था.
